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शनिवार, 18 जुलाई 2020

बिकरू के मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर अपराधी विकास दुबे की काली कमाई का राज़दार है,उसका साथी और ब्यवसायिक पार्टनर जय बाजपेयी

अपराधी विकास दुबे की काली कमाई में जय बाजपेयी के दो करीबी भी थे पार्टनर, खड़ी की करोड़ों की संपत्ति...

उत्तर प्रदेश की एसटीएफ टीम की जांच में हुआ अपराधी विकास दुबे और उसके ब्यवसायिक पार्टनर जय बाजपेयी के बीच लेनदेन सहित काली कमाई के राज़ का बड़ा खुलासा...

पुलिस के इस खुलासे से इस बात की बू आ रही है कि पुलिस और जाँच टीम विकास दुबे के परिवार पर इस कदर अपना शिकंजा कसे कि वो विकास दुबे की मुठभेड़ की बात भूल जाए और उसकी किसी भी तरह की पैरवी न करे...
ये विकास दुबे को वही ब्यवसायी साथी जय वाजपेयी है जो अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और STF के DIG अनंत देव के साथ कराया था,फोटो सेशन...
लखनऊ। कानपुर नगर के विकरू गांव के मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर अपराधी विकास दुबे की काली कमाई का सारा राज जय वाजपेयी के पास है। पुलिस और एसटीएफ की जांच में इसके पुख्ता प्रमाण मिल गये हैं। जांच टीम ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज को ईडी के पास भेज दिया है। पुलिस मुठभेड़ में विकास दुबे को मार गिराने के बाद रोज नए-नए खुलासे पुलिस कर रही है। पुलिस के खुलासे पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अभी तक पुलिस नशे में थी अथवा कुम्भकर्ण के पास जाकर सो गई थी...???  

गैंगेस्टर अपराधी विकास दुबे की काली कमाई का राज़दार, जय वाजपेयी...
लखनऊ। कानपुर नगर के विकरू गांव के मोस्ट वांटेड गैंगेस्टर अपराधी विकास दुबे की काली कमाई का सारा राज जय वाजपेयी के पास है। पुलिस और एसटीएफ की जांच में इसके पुख्ता प्रमाण मिल गये हैं। जांच टीम ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज को ईडी के पास भेज दिया है। पुलिस मुठभेड़ में विकास दुबे को मार गिराने के बाद रोज नए-नए खुलासे पुलिस कर रही है। पुलिस के खुलासे पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अभी तक पुलिस नशे में थी अथवा कुम्भकर्ण के पास जाकर सो गई थी...???  फिलहाल अब पुलिस जग गयी है। अब पुलिस और जाँच टीम विकास दुबे के साथ जय ही नहीं, उसके कई करीबी भी पार्टनर थे। इन लोगों ने विकास की काली कमाई को ब्याज के साथ ही पेट्रोलपंप से लेकर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदने में लगाई थी। पुलिस जल्द ही दो बड़े कारोबारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।

सूत्रों की मानें तो जय से पूछताछ और उसकी कॉल डिटेल से पनकी के एक कारोबारी का नाम सामने आया है। जय के साथ मिलकर इसने कुछ समय पहले ही पनकी में करोड़ों की कीमत का पेट्रोल पंप, दो करोड़ की कोठी और करोड़ों की संपत्ति खरीदी थी। जय की तरह यह भी साधारण परिवार से है और पहले प्राइवेट नौकरी करता था। विकास के संपर्क में आने के बाद सौ करोड़ से ज्यादा का मालिक बन गया है। जय के साथ कुछ महीने पहले दुबई गया था। दोनों के फोटो भी सामने आए हैं। जय की गिरफ्तारी के बाद जांच के दायरे में आए उसके साथी ने बचने के लिए अपनी फेसबुक प्रोफाइल भी डिलीट कर दी है। इसी तरह नोएडा के एक बड़े उद्योगपति का भी नाम सामने आया है। वह पहले कानपुर में रहता था, लेकिन धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज होने के बाद नोएडा में व्यापार शुरू कर दिया था। मौजूदा समय में वह भी करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। इसके साथ ही जय के कई करीबी जो विकास दुबे के सीधे संपर्क में थे, जांच के दायरे में आए हैं।

साथी जय वाजपेयी का आईटीआर बढ़ता गया,पत्नी का घटता गया...
विकास के साथी जय बाजपेयी ने वित्त वर्ष 19-20 में 11.93 लाख रुपए की आय घोषित की। 1.40 लाख रुपए टैक्स दिया। वर्ष 18-19 में 10.54 लाख रुपए का आईटीआर भरा। 1.26 लाख रुपए टैक्स दिया। वर्ष 17-18 में 10.23 लाख रुपए आय दिखाई और 1.07 लाख रुपए टैक्स दिया। वर्ष 16-17 में 6.55 लाख रुपए आय घोषित की और 28 हजार रुपए टैक्स दिया। 15-16 में 5.43 लाख रुपए की आय पर 16 हजार रुपए टैक्स भरा। महज चार साल में जय की आय 5.43 लाख रुपए से 11.93 लाख रुपए हो गई। सूत्रों के मुताबिक जितनी आय उसने एक साल में दिखाई है, इतना तो उसका एक महीने का खर्च है। यहीं जांच का केंद्र बिंदु है। उसकी पत्नी श्वेता बाजपेयी के रिटर्न की पड़ताल की, जिसमें वर्ष 19-20 में आय 7 लाख रुपए घोषित की। वर्ष 18-19 में आय 7.63 थी और वर्ष 17-18 में आय 9.99 लाख रुपए थी।

बता दें कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत विकरू गांव में 2/3 जुलाई 2020 की दरम्यानी रात दबिश देने पहुंची पुलिस टीम को घेरकर गैंगेस्टर अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने डीएसपी देवेन्द्र कुमार मिश्र समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद 8 दिन के भीतर पुलिस ने विकास दुबे समेत उसके छह साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। विकास दुबे ने अपराध के बल पर पिछले 30 साल में इलाके में अपनी बादशाहत बना ली थी। पुलिस अफसरों और राजनेताओं की सांठगांठ से वह इलाके का डान बन गया था। इस बीच उसने करोड़ों रुपये की उगाही की और उन पैसों का इस्तेमाल जय बाजपेयी ने किया।

पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त छानबीन में पता चला है कि जय वाजपेयी विकास दुबे की काली कमाई का राजदार है। वह विकास दुबे के पैसों को आईपीएल और अन्य आनलाइन सट्टों में इस्तेमाल करता था। उसका यह कारोबार विदेश तक फैला हुआ है। पुलिस की जांच में आईपीएल में 5 करोड़ रुपये लगाये जाने के दस्तावेज हासिल हुए है। जांच में जय वाजपेयी और विकास के बीच साल भर के भीतर 75 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। यह लेनदेन छह बैंक खातों से ट्रांजैक्शन के जरिये किया गया है। इसके दस्तावेज को जांच टीम ने ईडी को सौंप दिया है। जांच टीम ने यह भी संभावना व्यक्त किया है कि विकास दुबे और जय वाजपेयी के बीच करोड़ों रुपये का नकद लेनदेन भी किया गया है जिसके कोई सबूत नहीं मिले हैं।

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