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गुरुवार, 4 जून 2020

महेशगंज इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय की धमकी और गाली वाले आडियो की हकीकत


महेशगंज के इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय 
अभी गालीबाज जेठवारा इंस्पेक्टर विनोद यादव का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि महेशगंज के इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय पर शिकायतकर्ता को गाली देने का आरोप सोशल मीडिया में तैरने लगा पुलिस वाले फ्रस्ट्रेशन में रहते हैं और अक्सर उनकी जुबान फिसल ही जाती है अब ये जुबान किस मौके पर फिसलती है, गौर करने वाली बात वही होती है ! यदि स्थिति तनावपूर्ण हो और उसे नियंत्रण में करना हो तो उस वक्त पुलिस गाली देकर, थप्पड़ मारकर और बात अधिक बिगड़ जाने की हो तो कानून ब्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने हेतु हल्का बल प्रयोग करने का भी अधिकार पुलिस रखती है। 

प्रतापगढ़ के अपराध को देखकर यहाँ कोई पुलिस वाला पहले तो आना ही नहीं चाहता ! क्योंकि कई पुलिस के अफसर यहाँ अपनी जान गँवा चुके हैं। अब पुलिस के अधिकारी यदि विषम परिस्थियों में पुलिसिया रौब न दिखाएं तो अपनी नौकरी और अपनी जान गंवाए। अभी दो दिन पहले फतनपुर में अपराधियों और उपद्रवियों का मनोबल इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के लोग एक युवक को पेड़ से बाँधकर जिंदा जला दिए तो सूचना पर पहुँची पुलिस पर दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा हमला बोल दिया गया और पुलिस की दो चार पहिया वाहन फूंक दिए। किसी तरह पुलिस जान बचाकर भाग सकी थी। क्या ऐसे हालात पर भी पुलिस बल प्रयोग अथवा माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए बदजुबान भी न हो !   

सोशल मीडिया भी ऐसा प्लेटफार्म है कि जो भी कूड़ा करकट मिला बस दफासरपट उसे कॉपी और पेस्ट करके दौड़ा दे ! हकीकत जानने व समझाने की कोई जरूरत ही नहीं बैरागीपुर गांव का निवासी चन्दन तिवारी का आरोप है कि कुछ दिनों पूर्व उस पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वह बाल-बाल बच गया था उस मामले को पुलिस ने दर्ज भी किया था। चन्दन तिवारी के मुताविक घटना में मुखबिरी करने वाले युवक को पकड़कर वह पुलिस के हवाले करना चाहता था, जिस पर इंस्पेक्टर सत्येंद्र राय भड़क गए थे। चन्दन तिवारी के मुताविक इंस्पेक्टर महेशगंज उसके साथ गाली गलौज करके उसे थाने ले आए थे। फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। चंदन तिवारी ने तो यहाँ तक आरोप लगाया कि 20 हजार रुपए लेकर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।  

महेशगंज इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय ने जिस चंदन तिवारी को गोली मारने की धमकी दे रहे हैं, उस धमकी वाले आडियो के संदर्भ में अभी तक ये तय नहीं हुआ कि पीड़ित चन्दन तिवारी को कहाँ और किस दशा में धमकी दिए हैं ? क्या चन्दन तिवारी महेशगंज इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय के पास फोन किया था, जो इंस्पेक्टर ने गाली व धमकी देना शुरू कर दिया था ? जिस युवक चन्दन तिवारी को महेशगंज इंस्पेक्टर सत्येन्द्र राय ने भद्दी-भद्दी गाली और गोली मारने की धमकी वाला आडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, उसमें साजिश की बू आ रही है। क्या बिना फोन किये किसी का आडियो कहीं भी बनाकर उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है ? सोशल मीडिया पर जब भी कोई आडियो वायरल हो तो सबसे पहले उसकी असलियत का पता किये बिना उसे वायरल नहीं करना चाहिए। नहीं तो उसका फायदा लोग अपने निजी लाभ के लिए करने लगते हैं। उससे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोगों को सोचना चाहिए कि बिना सत्यता की परख किये कोई कंटेंट अथवा आडियो और वीडियो पोस्ट नहीं करना चाहिए। 

अपने ऊपर लगे आरोपों पर एसएचओ महेशगंज सत्येंद्र राय ने बताया कि अपहरण की सूचना पर चंदन तिवारी को पुलिस पकड़ने गई थी। फतूहाबाद निवासी योगेंद्र प्रताप सिंह के भाई ने एसपी को सूचना दी थी कि चन्दन तिवारी ने उसके भाई योगेंद्र प्रताप सिंह का अपहरण कर लिया है। अपहरण की सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुँची थी। मौके पर पुलिस के पहुँचने के बाद भी अपहरण का आरोपी चन्दन तिवारी पुलिस से ही अकड़ने लगा जिस पर इंस्पेक्टर महेशगंज सत्येन्द्र राय ने अपहृत ब्यक्ति को छुड़ाने के लिए पुलिसिया लहजा का प्रयोग किया था। इंस्पेक्टर का है कहना है कि ऐसे विषम परिस्थितियों में भी पुलिस यदि अपराधियों से सख्ती न दिखाती तो योगेंद्र प्रताप की हत्या भी हो सकती थी पुलिस का कहना कि चंदन तिवारी का आपराधिक रिकार्ड है। उसके खिलाफ थाने पर कई मुकदमें दर्ज हैं। महेशगंज पुलिस चन्दन तिवारी के खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्यवाही कर चुकी है। चन्दन तिवारी की बात करें तो उसके खिलाफ प्रयागराज कैंट थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज भी हो चुका है। जिसमें चन्दन तिवारी नैनी जेल में निरुद्ध रहा। ये आडियो जो वायरल हुआ है वो पुराना है। 

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