Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

सोमवार, 15 जून 2020

तमाशेबाज नहीं बल्कि जनता के दुःखों में साथ खड़ा होने वाला शासक होना चाहिए

तमाशेबाजी से नहीं बल्कि कठिनाईयों और समस्याओं से लड़ने वाला शासक ही जनता को दे सकता है,राहत
➤सतीश मिश्र -
कोरोना संक्रमण से दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल की बंद हुई बोलती... 
कल दिल्ली के कोरोना संक्रमण से महाभारत की कमान अपने हाथ में सम्भालने के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह आज दिल्ली के सबसे बड़े और सबसे भयानक स्थिति वाले अस्पताल का गहन दौरा करने पहुंचे। याद करने का प्रयास करिए और यदि याद न आए तो गूगल पर सर्च कर जानने का प्रयास करिए कि पिछले ढाई महीनों के दौरान केजरी ने दिल्ली के कितने कोविड-19 अस्पतालों का दौरा कितनी बार किया ? आप यह जानकर आश्चर्य चकित हो जाएंगे पिछले ढाई महीनों में केजरी किसी भी अस्पताल में एक बार भी नहीं गयान्यूजचैनलों पर प्रवचनों, विज्ञापनों और ट्विटर पर बतकही कर के केजरी पिछले ढाई महीनों से दिल्ली में कोरोना संक्रमण को रोकने में जुटा हुआ था

दिल्ली में बेलगाम और भयानक हो चुके कोरोना संक्रमण में केजरी की शर्मनाक प्राण घातक लापरवाही के अनेक उदाहरणों में से एक है उपरोक्त तथ्य...


 कोरोना संक्रमणकाल में अपने जीवन की परवाह किये बगैर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी...
अमित शाह के दौरा क्यों जरूरी था और अगले 8-10 दिनों में उसके क्या परिणाम मिलेंगे इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उदाहरण से समझ लीजिए पिछले ढाई महीनों के दौरान योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अनेक अस्पतालों के दौरे लगातार किए हैं, उनका यह क्रम अभी भी जारी है दरअसल भयानक संक्रमण के भयंकर संकट काल में जब प्रदेश का मुखिया अस्पतालों के दौरे करने का साहस प्रदर्शित करता है तो उसके वह दौरे पूरे चिकित्सा तंत्र को ऊर्जा प्रदान करते हैं पूरे चिकित्सा तंत्र का मनोबल बढ़ाते हैं, उसे सजग सतर्क रखते हैं। इसका सुपरिणाम जनता को मिलता है। 

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह कोरोना संक्रमण काल में बैठक और निररीक्षण करते हुए 
यही कारण है कि 22 करोड़ से अधिक जनसंख्या और अचानक बाढ़ की तरह आए लगभग 30-35 लाख अप्रवासी कामगारों की गम्भीर समस्या के बावजूद कोरोना संक्रमण के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सर्वाधिक सफल युद्ध लड़ रहा है। इस युद्ध में उत्तर प्रदेश की शानदार विजय भी सुनिश्चित है और उस विजय के महानायक मुख्यमंत्री योगी ही होंगे। क्योंकि वो किसी तमाशेबाज की तरह नहीं बल्कि कर्तव्यनिष्ठ शासक की भांति कार्य कर रहे हैं और शासन के नाम पर तमाशेबाजी नहीं कर रहे

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें