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मंगलवार, 5 मई 2020

जिंदगी आपकी,फैसला भी आपका

कोरोना वैश्विक महामारी के मद्देनजर सरकार एक निश्चित समय तक ही #Lockdown रख सकती है। धीरे-धीरे #Lockdown खत्म हो जाएगा। सरकार भी इतनी सख्ती नहीं दिखाएगी,क्योंकि सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड वास,सेनिटाइजेशन और मुँह पर मास्क लगाने जैसे ढ़ेर सारे गुण को सब समझा दिया है। बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश में देख ही रहे हैं। अब जो समझदार हैं, वह आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका समझ लें। सरकार 24 घंटे,365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी और न कर सकेगी...!!!
भारत में कोरोना वायरस का बढ़ता प्रकोप...
ऐसी स्थिति तीसरे लॉक डाउन के पहले दिन से दिखने लगा है। सरकार और सरकार की भ्रष्ट व बेईमान नौकरशाही किं कर्तब्य विमूढ़ सी दिख रही है। योगी के रत्नों में लिए गए निर्णय को अपर मुख्य सचिव गृह (गोपन) विभाग अवनीश अवस्थी उत्तरप्रदेश सरकार के अधिकृत ट्वीटर एकाउंट्स पर वीडियो सहित तमाम ट्वीट करके आम जनता में असमंजस की स्थिति पैदा कर डाले। क्योंकि ट्वीटर एकाउंट्स पर ट्वीट के साथ दूसरा वक्तब्य और जिला प्रशासन व पुलिस जिसे उक्त आदेश को अमल में लाना है उसे दूसरा वक्तब्य। ऐसी दशा में कल दिनभर पूरे प्रदेश में लॉकडाउन में छूट दिए जाने को लेकर जिला स्तर पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन कन्फ्यूजनमें रहा। इसलिए अलग से कोई दुकान नहीं खोली जा सकी...!!!
कोरोना संक्रमण से भयाक्रांत विश्व समुदाय...
सूबे की सरकार के इस रवैये से तो यही लगता है कि आने वाले समय में कोरोना जैसे लाईलाज बीमारी का ईलाज भी अपने खर्च से कराना होगा। चूँकि सरकार और सरकारी तंत्र अब बेबश नजर आ रहा है। सिर्फ 40 दिन में ही केंद्र की मोदी और सूबे की योगी सरकार असहाय दिखने लगी। हमें कोरोना महामारी में पाकिस्तान की स्थिति दिखाकर उसका मजाक उड़ाये जाने की कोशिश की गई। जबकि सच्चाई ये भी है कि हिंदुस्तान के हालात भी पाकिस्तान से बहुत अच्छे नहीं हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी पाकिस्तान ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या आतंकी हमले कराकर करना नहीं छोड़ रहा है। हमारी सरकार सिर्फ कड़ी निंदा करने तक ही सीमित है। मोदी सरकार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मुँह तोड़ जवाब देने के आगे दो कदम भी नहीं बढ़ पा रही है...!!!
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन की तैयारी में विश्व समुदाय... 
स्वास्थ्य महकमें की स्थिति में कोई सुधार नहीं होता दिख रहा है। स्वास्थ्य ब्यवस्था की बेहतरी के लिए जितना धन आवंटित होता है, उस बजट का सिर्फ महकमें के भ्रष्ट व बेईमान अफसर किसी तरह से गटक जाने में अपनी सारी योग्यता का इस्तेमाल करते हैं। देश में निजी स्वास्थ्य सेवाएं भी बहुत अच्छी नहीं हैं। निजी स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चिकित्सक और स्वास्थ्य सेवा संचालित करने वाले सिर्फ स्वास्थ्य सेवा के नाम पर मरीजों एवं उनके परिजनों की जेब पर डाका डालने से अधिक की नहीं सोच पाते। मानव सेवा की बात सोचना ही पाप है। निजी चिकित्सक कोरोना संक्रमण के दौरान आपका इलाज करेगा अथवा आपसे डरेगा ? चूँकि वर्तमान में डर वश चिकित्सक अपनी ओपीडी ही बंद किये पड़े हैं...!!!
कोरोना से जंग जारी है...
सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि जब कोरोना संक्रमण से ग्रसित मरीज की अभी तक कोई दवा ही नहीं बनी तो कोरोना पॉजिटिव मरीज का ईलाज किस दवा से किया जा रहा है,जिससे वो ठीक हो जा रहे हैं। फिर जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव से निगेटिव आ जा रही है। आपके एवं आपके परिवार का भविष्य अब आपके हाथ में है। लाॅकडाउन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकलें एवं काम पर जायें व नियमानुसार ही अपना कार्य करें। क्या लगता है आपको कि 17 मई के बाद एकाएक कोरोना चला जायेगा। हम पहले की तरह जीवन जीने लगेंगे ? नहीं, कदापि नही ! ये वायरस अब हमारे देश में जड़ें जमा चुका है। हमें इसके साथ रहने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। अब कोरोना वायरस के साथ जीना होगा और कोरोना वायरस के साथ मरना होगा। अब लोग पूँछेगें कैसे...???
कितना खतरनाक है कोरोना संक्रमित मरीज...
अब हमें स्वयं इस वायरस से लड़ना पड़ेगा,अपनी जीवन शैली में बदलाव करके,अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग करके। हमें सैकड़ों साल पुरानी जीवन शैली अपनानी पड़ेगी। शुद्ध आहार लेना होगा। शुद्ध वातावरण में साँस लेना होगा। पौष्टिकता से परिपूर्ण आंवला, एलोवेरा, गिलोय, काली मिर्च, लौंग आदि पर निर्भर होना होगा। एन्टी बाइटिक्स के चंगुल से खुद को आज़ाद करें। अपने भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी,फ़ास्ट फ़ूड, पिज़्ज़ा, बर्गर को भूल जाएं। अपने बर्तनों को बदलना होगा, अल्युमिनियम, स्टील आदि से हमें भारी बर्तन जैसे पीतल, कांसा, तांबा एवं लोहे की चाकू, लोहे का चिमटा, लोहे की कड़ाही को अपनाना होगा जो प्राकर्तिक रूप से वायरस को भी खत्म करते हैं। अपने आहार में दूध, दही, घी की मात्रा बढ़ानी होगी। भुलाना होगा अपनी जीभ का स्वाद। तला-भुना होटल वाला चिकना, तीखा एवं मसालेदार युक्त भोजन एवं ब्यंजन। कम से कम अगले 7-8 महीनों तक तो ये करना हीं पड़ेगा। तभी हम सरवाइव कर पायेंगे और जो नहीं बदलेंगे वो मुश्किल में पड़ जायेंगे। जो इस बात को मानकर इन पर अमल करना शुरू कर देगा वही कोरोना के संक्रमण से लड़कर अपना एवं अपने परिवार का जीवन सुरक्षित कर सकेगा....!!!

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