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रविवार, 31 मई 2020

कोरोना संकट के बीच दिल्ली की केजरीवाल सरकार का खजाना खाली

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार से मांगे 5हजार करोड़ रुपए...

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल 
कोरोना संकट से जूझ रही दिल्ली सरकार का खजाना खाली हो गया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी की सरकार ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। देश में राजनीति चमत्कार करने के लिए इंडिया अगेंस्ट करेप्शन के बैनर टेल देश भर में अन्ना हजारे को आगे करके सत्ता पर काबिज होने का स्वप्न देखने वाले कुछ लोग आगे आये और उसका नेतृत्व अरविन्द केजरीवाल ने किया। इंडिया अगेंस्ट करेप्शन से अलग होते हुए आम आदमी पार्टी का गठन हुआ और दिल्ली की राजनीति में अरविन्द केजरीवाल ने इंट्री मारी। दिल्ली की सत्ता उस कांग्रेस के साथ गलबहियां करके पहली बार प्राप्त किया जिसका विरोध करके अरविन्द केजरीवाल राजनीति में प्रवेश किये।पहला कार्यकाल सिर्फ 49 दिनों का रहा फिर पाँच वर्ष प्रचंड बहुमत से दिल्ली की सरकार अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में चली। तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बने। उनके परम सहयोगी और उनकी सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य देखने वाले मनीष सिसौदिया ने शिक्षा के क्षेत्र में काफी अच्छा कार्य किया, कोरोना जैसी एक महामारी ने दिल्ली सरकार की नाक काट दी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की अक्ल ठिकाने लग गई है। कोविड-19 में पूरे देश में दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकार सबसे अधिक फेल नजर आ रही है। दिल्ली के सरकार का राजकोष खाली हो गया है और अब वो केंद्र के भरोसे पर है

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने राजस्व की कमी के कारण केंद्र से 5,000 करोड़ रुपए की मदद मांगी है। दिल्ली सरकार में शिक्षा के साथ वित्त मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया ने रविवार को कहा, ''हमने दिल्ली सरकार के राजस्व और इसके न्यूनतम खर्च की समीक्षा की है। हर महीने वेतन और कार्यालय खर्च के लिए 3500 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। पिछले दो महीनों में 500-500 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। अन्य स्रोतों से प्राप्त आमदनी को मिला लें तो सरकार के पास 1735 करोड़ रुपए हैं। हमें 2 महीनों के लिए 7000 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। ''सिसोदिया ने कहा, ''इसलिए हमने केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपए देने की मांग की है। मैंने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को लिखा है कि हमें तुरंत सहायता दी जाए, क्योंकि डिजास्टर रिलीफ फंड के तहत राज्यों को मिला फंड दिल्ली को नहीं मिला। दिल्ली आर्थिक तंगी का सामना कर रही है।''

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