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शुक्रवार, 22 मई 2020

वैश्विक महामारी कोरोना का भारत पर पड़ रहा प्रभाव

देश में राजनैतिक इच्छाशक्ति के अभाव और कुंठित मानसिकता की वजह से विपक्षी दलों को राष्ट्रीय आपदा और महामारी के संक्रमण काल में भी देश की जनता के साथ राजनीति करने का होता है,मन 
कोरोना से युद्ध में भारत की दशा और दिशा को लगभग 94%मिल रही है,सफलता 
इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि वैश्विक महामारी काल में भी धन पिपासुओं की इच्छा धन संचय में ही लगी है वो चाहे भ्रष्ट नौकरशाही हो अथवा भ्रष्ट राजनेता 
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण 
जिस कोरोना वायरस से महाशक्तिमान अमेरिका अपने घुटने टेक दिया और इटली के प्रधानमंत्री तो फूट फूटकर रोते हुए अपनी बेबशी बयाँ कर डाले कि उनके बस का अब कुछ भी नहीं है अब सिर्फ प्रभु ही रक्षा कर सकता है। ऐसे कोरोना वायरस से भारत के योद्धा बड़ी बहादुरी से लड़ रहे हैं,इस बात से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता हाँ, कमियाँ हैं तो सरकार की नीति और उसके क्रियान्वयन कराने में ! केंद्र और राज्य की सरकार में कोरोना  से भी खतरनाक तरीके से अपनी जड़े जमा चुके कुछ चापलूस किस्म के नौकरशाह अपने फायदे के लिए सरकार से ऐसी नीति बनवाकर उसे लागू करा देते हैं जिससे सरकार के अच्छे कार्यों का भी सत्यानाश हो जाता है और सरकारें बदनाम हो जाती हैं। अब बात करते हैं भारत में कोरोना संक्रमण से अबतक की वस्तुस्थिति पर ! कोरोना संक्रमित  व्यक्तियों के स्वस्थ होने की जो दर 39-40% बताई जा रही है,वह सत्य नहीं हैक्योंकि पूरा मीडिया इस दर को देश में कोरोना संक्रमितों की आज की संख्या के आधार पर बताता है जबकि यह दर 14 दिन पूर्व देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या के आधार पर निकल सकती है इसका ठोस कारण है

समस्त विश्व के अब तक के चिकित्सकीय अध्ययनों और अनुभवों के आधार पर यह सर्वसम्मत निष्कर्ष निकला है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के स्वस्थ होने में औसतन 2 सप्ताह (14 दिन) लगते हैंगम्भीर स्थिति वाले व्यक्तियों के स्वस्थ होने में 8 सप्ताह (56 दिन) का समय लगता है बीती 5 मई को देश में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या- 46711 थी इसमें से 1538 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी थी अर्थात्‌ कोरोना वायरस से संक्रमित जीवित व्यक्तियों की वास्तविक संख्या- 45173 ही थी जबकि 20 मई की प्रातः 8 बजे तक कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके व्यक्तियों की संख्या- 42298 हो चुकी थी यह संख्या लगभग 93.7% रिकवरी रेट को दर्शाती है शेष बचे 6.3% व्यक्तियों में से कितनों की मृत्यु हुई और कितने गम्भीर स्थिति की श्रेणी में है इसका कोई आंकड़ा सरकार जारी नहीं करती हैलेकिन उपरोक्त उपलब्ध आंकड़े से यह तो स्पष्ट हो ही जाता है कि 5 मई तक कोरोना संक्रमण से मुक्ति की दर कम से कम 93.7% या उससे कुछ अधिक ही रही है

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