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रविवार, 17 मई 2020

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त: वित्त मंत्री ने इन 8 सेक्टर्स के लिए किए बड़े ऐलान

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के ऐलान के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज चौथे दिन भी कई बड़ी घोषणाएं की...!!!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के ऐलान के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज चौथे दिन भी कई बड़ी घोषणाएं कीं. आज 8 सेक्टरों को लेकर घोषणाएं की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज की चौथी किस्त को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, आईबीसी, जीएसटी की बात की और कहा कि भारत में बिजनेस को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं.  वहीं कोयला, माइनिंग और रक्षा क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री ने ये बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने आज के अनाउंसमेंट में स्ट्रक्वचरल रिफॉर्म्स की बात कही। साथ ही कहा कि कई सेक्टरों की मजबूती के लिए नीतिगत बदलाव की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े बदलाव के पक्ष में. मेक इन इंडिया भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए। रोजगार उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश। हमारे उत्पादों की विश्वसनीयता बनाना जरूरी। प्रधानमंत्री ने कहा है, रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म,  रिफॉर्म जरूरी है।
आत्मनिर्भर भारत को हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। उसके लिए बुनियादी सुधारों पर ध्यान देना  होगाप्राथमिकता डीबीटी और जीएसटी जैसे सुधार देश के लिए अहम भारत में निवेश के बेहतर अवसर। रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भारत का जोर। कोयला उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता। कोयला क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग ​नीति। सही कीमत पर ज्यादा कोयला मुहैया होगा। कोयले के क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार खत्म। खनिज सेक्टर में विकास की बड़ी योजना का ऐलान। 500 माइनिंग ब्लॉक की नीलामी की जाएगी। माइनिंग लीज को ट्रांसफर किया जा सकेगा। कोयला क्षेत्र के लिए 50 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। कोल फील्ड में 50 नए ब्लॉक की नीलामी की योजना है। रक्षा उत्पादन में सरकार का मेक इन इंडिया पर जोर। सेना को अत्याधुनिक हथियारों की जरूरत। रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य। निगमीकरण और निजीकरण में अंतर, ​कई सेक्टर्स को बेहतर बनाने के लिए निगमीकरण जरूरी। जो सामान आयात नहीं करने हैं, उनकी लिस्ट बनाई जाएगी। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों के लिए अलग से बजट। वर्ल्ड क्लास लेवल के एयरपोर्ट का विकास पीपीपी मॉडल से होगा। एयरस्पेस बढ़ाया जाएगा. अभी 60% एयरस्पेस खुला है। पीपीपी मॉडल से 6 एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 2300 करोड़ रुपया दिया जाएगा।

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