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मंगलवार, 19 मई 2020

विरोध का गिरता स्तर

खत्म होने के कगार पर कार्पोरेट्स मीडिया हाउस की धमक...!!!  
सदमे में पहुंचा एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया...!!!
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने मोदी विरोधियों को सीख दी है, संदेश दिया है, गुरुमंत्र दिया है कि... प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को हटाने हराने के लिए देश से खूब झूठ बोलो, देश से जमकर झूठ बोलो, देश से केवल झूठ बोलो, देश में केवल झूठ ही झूठ फैलाओ... एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष शेखर गुप्ता का यह हथकंडा बहुत पुराना है जिसे वो पूरी ताकत से जोरशोर के साथ आज़माने की तैयारी में जुट गया है...!!!
20 सितम्बर, 2013 को इंडियन एक्सप्रेस अखबार के पहले पन्ने पर केवल एक खबर छपी थी पन्ने पर कोई विज्ञापन भी नहीं छपा था. पूरे एक पन्ने लम्बी चौड़ी वह खबर भारतीय सेना में बगावत होने की खबर थी। खबर छपते ही देश सदमे में आ गया था भय और आशंका का माहौल बन गया था लेकिन पाकिस्तान में जश्न मनाया जा रहा था क्योंकि खबर उसके भारत विरोधी जहरीले एजेंडे के शत प्रतिशत अनुरूप थी पाकिस्तानी मंशानुरूप ही थी। उस सरासर सफ़ेद झूठ खबर को लिखकर देशवासियों में भारतीय सेना के विरुद्ध अविश्वास उत्पन्न करने, देशवासियों के मन में भारतीय सेना के प्रति भय संदेह और आशंका का अंधेरा फैला देने का देशघाती कुकर्म कुख्यात लुटियनिया दलाल शेखर गुप्ता ने किया था 
शेखर गुप्ता के उस 7 साल पुराने कुकर्म का उल्लेख आज इसलिए क्योंकि 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद बंद हुए इसके सारे गोरखधंधों से बुरी तरह तिलमिलाया बिलबिलाया शेखर गुप्ता The Print India नाम से अपनी वेबसाईट चलाने में जुट गया 15 मई को उसने अपनी इसी वेबसाईट पर अपने चेले का एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें प्रधानमंत्री के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज को फ़र्जी और CAA कानून को झूठा घोषित किया गया, प्रधानमंत्री को झूठा घोषित किया गया और यह राग अलापा गया, मोदी विरोधियों को गुरुमंत्र दिया गया कि... प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को हटाने हराने के लिए देश से खूब झूठ बोलो...!!!
देश से जमकर झूठ बोलो, देश से केवल झूठ बोलो, देश में केवल झूठ ही झूठ फैलाओ...!!!
अरनब गोस्वामी एवं एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष शेखर गुप्ता 
हालांकि लेख में नाम लेने से परहेज किया गया लेकिन राजनीति और पत्रकारिता की दुनिया की थोड़ी सी भी ठोस जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति भलीभांति यह जानता है कि शेखर गुप्ता की पहचान एक पत्रकार के बजाय कांग्रेसी गुर्गे के रूप में अधिक की जाती है बिल्कुल वही पहचान इसके उस चेले की भी है, जिसका लेख इसने प्रकाशित किया है अतः उसका यह गुरूमंत्र कांग्रेस के लिए ही है शेखर गुप्ता का उपरोक्त गुरुमंत्र उसकी खीझ उसकी झुंझलाहट उसकी तिलमिलाहट उसकी बिलबिलाहट का ही हताश प्रकटीकरण है ध्यान रहे कि लोकसभा चुनावों के एक डेढ़ साल पहले से ही जस्टिस लोया से राफेल तक, सहारा डायरी से अडानी अंबानी तक... सरीखे अपने दर्जनों सफ़ेद झूठों की भारी गठरी लाद कर ही राहुल गांधी ने चुनावी मैदान में ताल ठोंकी थी जनता ने उस गठरी की कैसी धज्जियां उड़ायी यह पूरे देश ने देखा है देश की सबसे गरीब जनता तक ने 6000 रुपए महीना देने की चुनावी खैरात बांटने के राहुल गांधी के वायदे पर भी बुरी तरह थूक दिया था, क्योंकि झूठ की उसी गठरी के आशीर्वाद से राहुल गांधी की विश्वसनीयता जनता में शून्य हो चुकी थी
शर्म और सदमे की बात यह है कि यह शेखर गुप्ता एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया का अध्यक्ष है इसकी वेबसाइट पर इसकी ऐसी घृणित करतूतों की धज्जियां जमकर उड़ाते रहे अरनब गोस्वामी ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की सदस्यता को लात मार कर छोड़ा था इसको जमकर बेनकाब किया था। अरनब के उन प्रचंड प्रहारों का जवाब शेखर गुप्ता आजतक नहीं दे पाया है शेखर गुप्ता के उपरोक्त पत्रकारीय कुकर्म ने स्पष्ट कर दिया है कि पत्रकारिता के मानदंडों सिद्धांतों मान्यताओं परंपराओं के साथ देश में जघन्य बलात्कार कौन कर रहा है ? आज कल 6 करोड़ प्रवासी मजदूरों की भीड़ में से सड़क पर पैदल चलते 2-4 हजार मजदूरों को दिखा कर देश में हाहाकार मचवाने की कोशिश कर रहा मीडियाई गैंग सम्भवतः शेखर गुप्ता के उपरोक्त गुरुमंत्र को आजमा रहा है...!!!

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