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गुरुवार, 25 जुलाई 2019

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की डीलरशिप में एक लाइसेंस पर चल रहे हैं,दो पेट्रोल पंप

लीज की जमीन पर संचालित है,पेट्रोल पंप। भू-स्वामी के लाख प्रयास के बाद भी पंप मालिक नहीं खाली कर रहा है,किराए वाली भूमि...!!!
नियम कानून को ताक पर रखकर बाबागंज में पेट्रोल तो भंगवा चुंगी से पहले तिलक कालेज के सामने डीजल की होती है,बिक्री बाबागंज में पेट्रोल पंप महीने में कई बार हो जाती है, ड्राई। कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताए कि पैसे के अभाव नहीं आ पाता लोड। सरकारी विभागों में पेट्रोल पंप से गाड़ियों में दिया जाता है,ईंधन। उधार का बहाना बनाकर महीने में कई बार पेट्रोल पंप पर तेल नहीं है का लगा दिया जाता है,बोर्ड। प्रतापगढ़ शहर स्थित बाबागंज में सिनेमा रोड मोड़ पर गफ्फार पेट्रोल पम्प के नाम से मशहूर पम्प के मालिक व मैनेजर की तानाशाही से आधा शहर चन्द मिनट की बरसात में जाता है,डूब। गफ्फार पेट्रोल पंप के मालिक और मैनेजर द्वारा NH पर बनी पश्चिमी तरफ की नाली को पाटकर जल निकासी को कर दिया है,अवरुद्ध। पंप मालिक की तानाशाही पर जिला प्रशासन बना है,मूकदर्शक। अतिक्रमण अभियान में 15 दिन पहले नगरपालिका प्रशासन की चली थी,जेसीबी। पम्प के मैनेजर के आश्वासन पर नगरपालिका के अधिकारी थोड़ा सा हिस्सा तोड़कर स्वतः सुविधानुसार तोड़ लेने की दिए थे, हिदायत। सवाल उठता है कि क्या गफ्फार पेट्रोल पंप का मालिक  और मैनेजर देश के कानून से ऊपर हैं...? एक पंप को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा दो स्थानों पर संचालित करने की छूट कैसे दीगई है...? क्या जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन गफ्फार पेट्रोल पंप के मालिक और मैनेजर से डरते हैं जो उस पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहे हैं ? जबकि सच्चाई यह है कि आधे शहर की जल निकासी को नियम विरुद्ध ढंग से जल निकासी वाले नाले को पंप के मालिक और मैनेजर द्वारा जबरन कर लिया गया है,बन्द...!!!

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