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रविवार, 9 जून 2019

कब प्रैक्टिकल होंगे हमारे सांसद/विधायक...???

देश के सांसद व विधायक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हाथों की कठपुतली बनकर पाँच सालों तक जाते हैं,सिमट...!!! 
शिक्षा और अनुभव की कमी से सांसद और विधायक विभाग के अधिकारियों के बीच बनकर रह जाते हैं,लोला...!!! 
प्रतापगढ़। कुंडा बाघराय बारौ में आज कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर जी के सौजन्य से दो पैरोकारों शिव प्रकाश सेनानी, अखिलेश द्विवेदी जी के प्रयास से तो लो वोल्टेज से निजाद मिल गया, परंतु स्थाई रूप से नहीं। किसी भी ट्रांसफार्मर को रखने के लिए एक ठीहा बनाया जाता है, जिसे बिजली विभाग में प्लेन्थ के नाम से जाना जाता है। जिसका बिजली विभाग बजट भी देता है। शहर हो अथवा देहात परंतु बिजली विभाग अपने ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए प्लेन्थ न बनवाकर विभाग के गैर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उसे सीधे जमीन पर रख दिया जाता है। जिससे वो जल्द ही खराब हो जाता है। साथ ही उससे करेंट उतर सकता है, जिससे जानवर सहित इंसानों की जान भी जा सकती है। 
जिस प्लेन्थ पर ये ट्रांसफार्मर रखा जा रहा है,वो देखिए वो पूरी तरह से खराब हो चुका है। प्लेन्थ बनाने में बिजली विभाग जिस निकम्मेपन का परिचय देता है वो इस प्लेन्थ को देख लेने मात्र से उसकी असलियत का पता चल जाता है। दूसरी खास बात ये है कि जो ट्रांसफार्मर स्थापित होता है, उसमें पूरा तेल न होने साथ ही अधिक लोड होने के कारण वह बहुत जल्द फुक जाता है। फिर महीनों तक उस एरिया में अंधेरे छा जाता है। इन ट्रांसफार्मरों को बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तब तक नहीं छूते जब तक यह जल न जाए और आपूर्ति बंद न हो जाए। जल जाने के बाद ही इसकी सुध जनप्रतिनिधि भी लेते हैं। वो भी तब जब क्षेत्र की जनता अपने सांसद और विधायक को घेरती है। सांसदों और विधायकों को प्रैक्टिकल नालेज न होने से किसी भी विभाग के अधिकारियों पर अंकुश नहीं लग पाता। 
इस तरह देश में पूरी व्यवस्था ही फेल नजर आती है। देश में प्रधानमंत्री मोदी ने सत्रहवीं लोकसभा चुनाव में एक वोट राष्ट्र के नाम पर माँगा और मतदाताओं से अपील भी की थी कि किसी का गुस्सा किसी पर न उतारना। उम्मीदवार का चयन गलत हो सकता है,परंतु उसका दिया एक मत उन्हें प्रधानमंत्री जरूर बना देगा। इसलिए वो MP न चुनकर सीधे PM चुने। देश की जनता ने ठीक वैसा ही किया, जैसा मोदी जी की इच्छा थी। अब अध्यक्षीय प्रणाली जैसा चुनाव भारत में पहली बार देखने को मिला। देश की जनता ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव किया,परंतु मोदी जी से अब कौन पूँछे कि उनका पार्टी ने जो टिकट देकर मोदी के नाम पर इमोशनल ब्लैकमेल कर उन सबको सांसद बनवा लिया, अब उनको जनता पाँच साल झेले। क्योंकि देश की 543 संसदीय क्षेत्र की जनता से मोदी तो मिल नहीं सकते औऱ सांसदों की दशा माशाल्लाह है। लिहाजा देश की जनता अपनी किस्मत पर पाँच साल तक रोती रहे...!!!

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