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बुधवार, 6 मार्च 2019

आतंक के आका के मौत की खबर का सच...

मर गया मौलाना मसूद अज़हर...???
कुछ घण्टों पहले पाकिस्तान ने दिखावे के लिए कार्रवाई करते हुए पुलवामा में आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई सहित विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 44 सदस्यों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक मसूद अजहर के बेटे को भी गिरफ्तार किया गया है। आज देर शाम को पाकिस्तान के गृह राज्यमंत्री शहरयार खान अफरीदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी है कि कार्रवाई में पकड़े गए 44 सदस्यों में अजहर का भाई मुफ्ती अब्दुर रऊफ और एक अन्य हम्माद अजहर शामिल हैं। 
ध्यान रहे कि पाकिस्तान ने उसकी सरजमीं पर सक्रिय आतंकी संगठनों पर लगाम कसने तथा उन्हें मिलने वाले धन पर रोक लगाने के लिए वैश्विक समुदाय के बढ़ते दबाव के कारण ही यह कार्रवाई की है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिखावे के लिए की गई इस कार्रवाई से मसूद अज़हर का नाम क्यों गायब है...? जबकि इस पूरे बवाल की जड़ तो वही है। फिर उसकी गिरफ्तारी करने के बजाय पाकिस्तान ने यह घोषणा क्यों की है कि पाकिस्तानी सरकार मसूद अज़हर को भी गिरफ्तार करने पर विचार कर रही है तथा अगले 12 से 24 घण्टों में इसपर फैसला ले लिया जाएगा। ज्ञात रहे कि अतीत में भी दिखावे के लिए मसूद अज़हर को गिरफ्तार कर कुछ हफ्तों या महीनों के लिए जेल में बंद करने की नौटंकी पाकितान सफलता पूर्वक करता रहा है। अतः इसबार उस नौटंकी से परहेज़ क्यों कर रहा है...? जबकि इसबार मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव पाकिस्तान पर पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा है। 2 दिन पूर्व दिए गए पाकिस्तान के विदेशमंत्री के बयान के अनुसार यदि मसूद अजहर गम्भीर रूप से बीमार भी है तो भी उसे गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती करने में कोई बाधा नहीं है। लेकिन पाकिस्तान ने ऐसा क्यों नहीं किया है...?
यही सवाल भारतीय एयर स्ट्राइक हमले में मसूद अज़हर की मौत के संदेह को पुख्ता कर रहा है। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय दबावों के तहत की जानेवाली गिरफ्तारियों की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के द्वारा किया जाना अनिवार्य होता है। केवल बयानों से बात नहीं बनती। यही वह बिंदु है जो पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट बन गया है। मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि के लिए उसे दुनिया को दिखाना भी पड़ेगा। ऐसा करने के लिए मसूद अज़हर का ज़िंदा होना जरूरी है। शायद इसीलिए पाकिस्तान ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए अगले 12 से 24 घण्टे की समय सीमा निर्धारित की है। ताकि अगले 24 घण्टे में उस गम्भीर बीमारी के कारण उसकी मौत की घोषणा कर दी जाए जिस बीमारी का राग पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने 2 दिन पूर्व अलापा था। सम्भवतः अगले 24 घण्टे का समय पाकिस्तान की सरकार ने मसूद अजहर की कदकाठी वाली किसी लावारिस लाश की तलाश के लिए ही मांगा है,क्योंकि असली मसूद अजहर की सम्भवतः हज़ार हज़ार किलो बारूद वाले बमों के धमाकों के साथ छोटी छोटी धज्जियां उड़ चुकी हैं। स्पष्ट कर दूं कि यह आज के घटनाक्रम से सम्बन्धित मेरा आंकलन मात्र है। वास्तविक स्थिति अगले 24 में स्पष्ट होगी। लेकिन मेरा अनुमान यही है कि अगले 24 घण्टों में पाकिस्तान मसूद अज़हर के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा नहीं करेगा। इसके बजाय पाकिस्तान गम्भीर बीमारी के कारण हुई उसकी मौत की घोषणा करेगा।

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