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मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

रैली को संबोधित करने प्रसपा के मुखिया शिवपाल यादव उड़नखटोले से पहुँचे प्रतापगढ़...!!!

पूर्व अपना दल और वर्तमान का कृष्णा पटेल गुट के न्याय रैली के कार्यक्रम में हुए शामिल प्रसपा के मुखिया शिवपाल यादव...!!! 
भतीजे वाली सपा से अलग हुए चाचा शिवपाल यादव ने अलग दल बनाकर पहले अपना जन्मदिन मनाया बाद में चुनावी जनसभा की शुरुवात प्रतापगढ़ पहुँच कर किया...!!!
शिवपाल बोले,अब न भाई देखूंगा न भतीजा देखूंगा अब जनता से करूँगा सीधी फरियाद...!!!
प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र से कृष्णा पटेल को बतौर उम्मीदवार समर्थन देने का वादा किया...!!!
भाजपा से नहीं करेंगे गठजोड़...!!!
अपना दल के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह के उपस्थित न रहने पर होने लगी थी चर्चा...!!!
मायावती को वैसे न तो मैंने बहन बनाया और न ही नेता जी (मुलायम सिंह)फिर माया बुआ कहाँ से हो गई...???
गठजोड़ के सवाल पर शिवपाल ने ऐलान किया कि उनके पास 50 से अधिक क्षेत्रीय दल सम्पर्क में हैं,समान विचारधारा के लोंगो को एकजुट करना है,साथ ही कांग्रेस बात करती है तो उससे जरूर बात करेंगे और भारतीय जनता पार्टी को हटाने के लिए हम सेक्युलर पार्टियों को एकजुट कर रहे हैं...!!!
बसपा सुप्रीमों मायावती का कोई ठिकाना नहीं,इसके पूर्व भाजपा से 3बार मिलकर सरकार बनाने का घिनौना खेल मायावती द्वारा खेला जा चुका है...!!!
लोकसभा में उनकी पार्टी का चुनावी मुद्दा क्या होगा के सवाल पर शिवपाल यादव ने अपने अंदाज में कहा कि चुनाव के लिए भाजपा बहुत मुद्दे अभी तक दे चुकी है...!!!
राजा भईया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से गठजोड़ के सवाल पर शिवपाल यादव ने स्पष्ट किया कि राजा भईया यदि चाहेंगे तो उनसे भी गठजोड़ हो सकता है वशर्ते प्रतापगढ़ में मेरी पार्टी कृष्णा पटेल का ही समर्थन करेगी...!!!
प्रतापगढ़। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने मंच से बढ़ती हुई महंगाई,बेरोजगारी पर चर्चा की तो वही किसानों और मजदूरों को भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा परेशान बताया। भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा कि चुनाव आते हैं तो बहुत वादे किए जाते हैं,वर्ष-2014 के चुनाव के पहले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बहुत बड़े-बड़े वादे किए गए थे। चुनाव जीतने के बाद सत्तासुख मिलते ही उसका ब्याख्यान बदल दिया जाता है। कोई जुमला कहता है तो कोई जादुई छड़ी की उलाहना देकर बचाव करता है कि रातोंरात कोई चमत्कार नहीं किया जा सकता। अंत में शिवपाल ने सभी से अपील की कि उनकी ये इच्छा हैं कि सभी सेकुलर पार्टियां एक साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़े। अभी यूपीए और एनडीए से अलग है,हमारा गठबन्धन,लेकिन ये नहीं बता पाए कि कितने दलों के साथ है,गठबन्धन ? भतीजे के बुआ के साथ जाने के बाद क्या सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद अब भी उनके साथ है के सवाल पर बात टाल गए। क्योंकि शिवपाल यादव जब रमाबाई अम्बेडकर मैदान पर 9 दिसम्बर,2018 को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की प्रथम रैली की शुरुवात किये थे तो सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव मंच पर शिवपाल यादव को आशीर्वाद देने पहुँचे थे। मंच पर मुलायम सिंह यादव ने आदतन दोंनो धर्म का निर्वहन किया। मंच पर पहुँचकर अपने भाई होने का फर्ज अदा करते हुए शिवपाल यादव को आशीर्वाद दिया और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पिता धर्म का धृतराष्ट्र के रूप में अपने सिर पर समाजवादी पार्टी की टोपी लगाकर उसका भी निर्वहन किया। यानि मंच भाई का और प्रचार पुत्र का ! हैं न धृतराष्ट्र वाला पुत्रमोह ! अभी शिवपाल यादव ने अपना जन्मदिन मनाया और उसमें अपने अग्रज मुलायम सिंह का शिवपाल यादव दिनभर इंतजार किये पर वो आशीर्वाद देने नहीं पहुँचे। मन मसोसकर शिवपाल ने अपना जन्मदिन मनाया। शायद शिवपाल यादव का अब मुलायम सिंह से मन भर गया हो ! लिहाजा सवाल का उचित जवाब देने के बजाय उससे कन्नी काटना ही उन्होंने बेहतर समझा। फिलहाल शिवपाल यादव ने सपा-बसपा के गठबन्धन को बेमेल बताया। साथ ही अपने लिए ये जरुर स्पष्ट किया कि समान विचारधारा वाले दलों से ही उनके दल का गठबन्धन होगा। बता दें कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव प्रतापगढ़ में पूर्व अपना दल द्वारा आयोजित न्याय रैली में शामिल होने पहुँचे थे।          

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