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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019

PAK व POK में घुसी भारतीय वायुसेना-पाकिस्तान

ग्वालियर,आगरा और बठिंडा से उड़े थे ये अलग-अलग फाइटर प्लेन...!!!पाक वायुसेना के प्रभावी जवाब देने से जल्दबाजी में बम गिरा लौट गई इंडियन एयरफोर्स-आईएसपीआरए पाकिस्तान...!!!
भारतीय वायुसेना ने किया पाकिस्तानी नियंत्रण रेखा का उल्लंघन-पाक
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले को ‘मिराज 2000’ ने अंजाम दिया। ये हमला वायुसेना के फाइटर,जेट और मिड रिफ्यूलर द्वारा किया गया। इस पूरे हमले के बारे में वायुसेना के अधिकारियों ने एनएसए अजीत डोवाल और पीएम मोदी को पहले ही जानकारी दे दी थी। वायुसेना ने अपने एक-एक कदम के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से एनएसए और पीएम को बताया था। मंगलवार सुबह इस ऑपरेशन की शुरूआत के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। वायुसेना के अर्ली वॉर्निंग जेट विमानों ने पंजाब के बठिंडा एयरबेस से उड़ान भरी। वहीं हवा के बीच में ईंधन भरने वाले रिफ्यूलिंग टैंकर ने यूपी के आगरा एयरबेस से उड़ान भरी। इसके साथ ही ऊंचाई से नजर रखने के लिए वायुसेना ने अपने ड्रोन हेरोन सर्विलांस का इस्तेमाल किया। पाक अधिकृत कश्मीर में मुजफ्फराबाद के पास मिराज काफी नीचे तक गया। हेरोस सर्विलांस द्वारा एयर स्ट्राइक करने से पहले ही इस बारे में पूरी प्रजेंटेशन भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने एनएसए अजीत डोवाल और पीएम मोदी को दिखा दी गई थी। इस हमले को अंजाम देने के लिए एयरफोर्स ने ‘मिराज-2000’ का इस्तेमाल किया। मिराज-2000 मल्टीरोल,सिंगल इंजन फाइटर प्लेन है। मिराज 2000 एक साथ कई निशाने पर हमला कर सकता है। मिराज हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में माहिर है। इसमें पारंपरिक और लेजर गाइडेड बम को भी गिराने में सक्षम है। मिराज 2000 में हथियारों के लिए नौ हार्ड प्वाइंट हैं। प्लेन के नीचे पांच और दोनों तरफ के पंखों पर दो हथियार है। मिराज 2000 की अधिकतम रफ्तार 2,000 किमी/घंटा है। मिराज-2000 ने 1970 में पहली बार उड़ान भरी थी। मिराज 2000 विमानों का निर्माण फ्रांस में किया जाता है। रफाल बनाने वाली कंपनी ही मिराज का निर्माण करती है। दुनिया में भारत समेत 9 देश मिराज 2000 का इस्तेमाल करते हैं। इस समय भारत के पास 51 मिराज 2000 विमानों का बेड़ा है।
पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना की तरफ से एलओसी पार कर पीओके पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने POK में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया है। वायुसेना द्वारा सीमापार आतंकी कैंपों पर 1 हजार किलो के बम गिराए गए। इसी बाबत पाकिस्तान की सेना ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय वायुसेना ने मुजफराबाद सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन किया है। सेना की मीडिया शाखा अंतर-सेवा जन संपर्क (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया है-भारतीय वायुसेना के विमान मुजफराबाद सेक्टर से घुसे। पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से समय पर और प्रभावी जवाब मिलने के बाद वह जल्दीबाजी में अपने बम गिरा कर बालाकोट के करीब से बाहर निकल गए। जानमाल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने लिखा है, कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया है। पाकिस्तानी वायुसेना ने तुरंत जवाब दिया। भारतीय विमान लौट गए। भारत की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने एलओसी पार कर पीओके पर बमबारी की और कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। जिसके बाद से ही एयरफोर्स के बेसकैंप पर कई तरह की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। सूत्रों की मानें तो वायुसेना ने इस ऑपरेशन के लिए 10 से अधिक मिराज विमानों के साथ 1000 किलोग्राम बम का भी इस्तेमाल किया है। गौरतलब है कि यह आरोप जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों में बढ़े तनाव के बीच लगाया गया है। हमले में सुरक्षा बल के 44 जवान शहीद हुए थे।   

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