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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2019

पाक पर क्रुद्ध व्यापारियों ने शुरू किए"आर्थिक हमले"

भारतीय व्यापारियों ने पाक को बताई औकात,लौटा दिये 800 कन्टेनर में भरे करोड़ों का सीमेंट...!!! 
पाक अखबार डॉन के मुताबिक कन्टेनर करांची,दुबई व कोलम्बो पोर्ट पर हैं,खड़े...!!! 
पाकिस्तान के छुहारे तक नहीं खरीदेंगे व्यापारी,भारत के पक्ष में है "ट्रेड बैलेंस"...!!! 
पुलवामा हमले के बाद कई भारतीय व्यापरियों ने पाकिस्तान से व्यापार करने से इनकार कर दिया है। अब इसमें सीमेंट व्यापारियों का नाम भी जुड़ गया है। भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से सीमेंट के आयात पर रोक लगा दी है। उन्होंने पाकिस्तान से आए सीमेंट के 600-800 कंटेनरों को वापस कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक फिलहाल यह कंटेनर कराची पोर्ट, कोलंबो और दुबई पोर्ट पर पड़े हैं। पाकिस्तान सालाना तौर पर भारत को 7 से 8 करोड़ डॉलर (500-572 करोड़ रुपए) की सीमेंट बेचता है। व्यापारियों के इस कदम से पाकिस्तान को यह नुकसान उठाना पड़ेगा। हाल ही में भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सभी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ा दी है। बिना ड्यूटी के पाकिस्तान से आने वाले एक टन सीमेंट की कीमत 44 डॉलर (3415 रुपए) होती है।
पाकिस्तानी सीमेंट का सबसे बड़ा खरीददार था भारत...!!! 
मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई से जनवरी के बीच पाकिस्तान ने भारत को 6.48 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया। जबकि 2017-18 में 12.12 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया। ऑल पाकिस्तान सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन के मुताबिक पाकिस्तान ने 2007-08 में भारत को सीमेंट निर्यात करना शुरू किया। 2016-17 में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा भारत को 12.53 लाख टन सीमेंट निर्यात किया।
अब छुआरे भी नहीं खरीदेगा भारत...!!! 
भारत हर साल पाकिस्तान से 14.5 लाख डॉलर (1,036 करोड़ रुपए) में 2.1 लाख टन छुआरे खरीदता है। पुलवामा हमले के बाद भारतीय व्यापारियों ने छुआरे भी खरीदने से मना कर दिया है।
ट्रेड बैलेंस है भारत के पक्ष में...!!! 
दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस 1.36 अरब डॉलर (9.72 लाख करोड़ रुपए) का है और यह भारत के पक्ष में है। 2017-18 में पाकिस्तान ने भारत को 48.4 करोड़ डॉलर (3461 करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट किया, जबकि भारत ने पाकिस्तान को 1.8 अरब डॉलर (12.8 हजार करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट किया। पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने का फैसला लिया गया।मोस्ट फेवर्ड नेशन का मतलब सबसे अधिक तरजीही देश होता है। विश्व व्यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन दर्जा प्राप्त देश को इस बात का आश्वासन दिया जाता है कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने पाकिस्ताव को 1996 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाएगा। 2016 में भारत और पाकिस्तान ने बीच करीब 2.89 बिलियन डॉलर का कारोबार था। इसमें बड़ा हिस्सा भारत से पाकिस्तान होने वाले निर्यात का है। हालांकि,पाकिस्तान ने भारत को वर्ष 1996 से लेकर अभी तक मोस्ट फेवर्ड नेशन का यह दर्जा नही दिया था।

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