भारतीय क्रिकेट टीम को पाक के साथ नही खेलना है,विश्वकप-केंद्र सरकार

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क्रिकेट ही नही सभी तरह के खेलों में पाकिस्तान से रिश्ते ख़त्म करें केंद्र सरकार-सौरभ गांगुली
मैं सरकार के फैसले के हूँ साथ"-गावस्कर
मैच न खेलना मतलब बिना लड़े हार जाना-शशि थरूर
BCCI को भारत सरकार ने दिए निर्देश,टीम इंडिया के 19 जून को न खेलने से विश्वकप आयोजकों को इस मैच से अब नही मिलेंगे सैकड़ो करोड़ के विज्ञापन...!!! 
मोदी सरकार पुलवामा आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को देना चाहती है ऐतिहासिक सबक...!!! 
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर भारत सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पाकिस्‍तान के खिलाफ वर्ल्‍डकप-2019 का मैच नहीं खेलने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार ने बीसीसीआई से कहा है कि भारतीय टीम को वर्ल्‍डकप-2019  के अंतर्गत पाकिस्‍तान के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए। भारत और पाकिस्‍तान के बीच वर्ल्‍डकप-2019 का यह मैच 16 जून को खेला जाना था। सरकार का बीसीसीआई से संबद्ध कमेटी ऑफ एडमिनिस्‍ट्रेटर्स (COA)को संदेश है, 'पाकिस्‍तान के खिलाफ मत खेलिए। मोदी सरकार पुलवामा हमले के बाद से पाकिस्तान को ऐतिहासिक सबक सिखाने के मूड में पूरी तरह नज़र आ रही है। इस फैसले को पाकिस्‍तान के खिलाफ दबाव बनाने के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।वैसे,भारत के इस राउंड रॉबिन मैच का बहिष्‍कार करने की स्थिति में आईसीसी और विज्ञापन कंपनियों को सैकड़ो करोड़ का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार चाहती हैं कि दोनों टीमों (भारत और पाकिस्‍तान) के नॉकआउट दौर में पहुंचने की स्थिति में भी भारत को पाकिस्‍तान के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए। भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 16 जून को वर्ल्‍डकप का राउंड रॉबिन मैच खेलना है। भारत के पाकिस्‍तान के खिलाफ इस मैच का बहिष्‍कार करने की स्थिति में  पाकिस्‍तानी टीम को मैच में दो अंक अवार्ड कर दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि पुलवामा में पाकिस्तान सरकार के सहयोग से जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के सरगना कुख्यात आतंकवादी मौलाना मसूद अज़हर ने अपने आत्मघाती हमलावर के जरिये आतंकी हमला करवा दिया था जिसमें सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हुए थे।पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैशे मोहम्‍मद ने पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी भी उसी दिन ली थी।भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने से पाकिस्‍तान बाज नहीं आ रहा है। ऐसे में सौरव गांगुली और हरभजन सिंह जैसे शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ राउंड रॉबिन मुकाबले के बहिष्कार की मांग की थी।गांगुली ने कहा था, ‘यह 10 टीमों का वर्ल्‍डकप है और हर टीम, दूसरी टीम के साथ खेलेगी। मुझे लगता है कि अगर भारत वर्ल्‍डकप में एक मैच नहीं खेलता है तो यह कोई बहुत ज्‍यादा असर नहीं डालेगा। यही नहीं, गांगुली ने कहा कहा था कि भारत को पाकिस्‍तान के साथ केवल क्रिकेट ही नहीं, सभी खेलों के रिश्‍ते खत्‍म कर लेने चाहिए। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी कहा था कि भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाले मैच को गंवा भी देता है, तो भी वह इतना मजबूत है कि भारत वर्ल्ड कप जीत सकता है। 
हालांकि बहिष्‍कार के मामले में सुनील गावस्‍कर की राय गांगुली और हरभजन से अलग थी। गावस्कर ने कहा था, ‘भारत अगर वर्ल्‍डकप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला करता है तो कौन जीतेगा? और मैं सेमीफाइनल और फाइनल की बात ही नहीं कर रहा। कौन जीतेगा ? पाकिस्तान जीतेगा क्योंकि उसे दो अंक मिलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने अब तक वर्ल्‍डकप में हर बार पाकिस्तान को हराया है। इसलिए हम असल में दो अंक गंवा रहे हैं जबकि पाकिस्तान को हराकर हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे वर्ल्‍डकप में आगे नहीं बढ़ पाएं। हालांकि गावस्‍कर ने इसके साथ में यह भी कहा था कि ‘मैं देश के साथ हूं, सरकार जो भी फैसला करेगी, मैं पूरी तरह से इसके साथ हूं। अगर देश चाहता है कि हमें पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहिए तो मैं उनके साथ हूं। उधर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व कांग्रेस सांसद शशि थरूर बोले कि पाकिस्तान से मैच न खेलने का मतलब है, बिना लड़े हार जाना, यह सरेंडर से भी बुरा होगा। फिलहाल मोदी सरकार के द्वारा जारी किए गए निर्देश के बाद से देश की सियासत में फिर से तमाम राजनीतिक दलों के बीच बयानों के तीर एक दूसरे को गलत साबित करने हेतु चलाये जाने शुरू हो चुके है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी भले ही कितने भी सियासी तीर को झेल ले लेकिन पाकिस्तान के प्रति देश मे जल रही क्रोध की अग्नि को नजरअंदाज कर अपने इस फैसले से पलटना सम्भव नहीं होगा।

rameshrajdar

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