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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

जनपद प्रतापगढ़ में मनरेगा के कार्यो में हुआ है बड़े पैमाने पर गोलमाल।

ऑन लाइन भुगतान से भी नहीं बनी बात,अब भी मनरेगा के तहत हो रहा है जमकर खेल...!!!
तू डाल-डाल तो मैं पात-पात की कहावत को चरितार्थ करते घोटालेबाज...!!!
प्रतापगढ़। विकासखंड कुंडा,बाबागंज,बिहार में 60-40 के अनुपात की धज्जियां उड़ाकर करोड़ो रुपये भुगतान नियम विरुद्ध किया गया है। मनरेगा के तहत जिले की सत्रह विकास खंडों में कुंडा,बाबागंज,बिहार,आसपुर देवसरा,लक्षमणपुर ब्लॉक में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर लूटपाट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। घोटाले की बात करें तो कुंडा और बाबागंज ब्लॉक में सबसे अधिक भुगतान किए जाने की बात सामने आने से अधिकारियों में हड़कम्प मचा हुआ है। प्रतापगढ़ में विकास के नाम पर अधिकारियों द्वारा की गई डकैती की शासन से निष्पक्ष जाँच कराई गई तो कई अफसरों को जेल जाना तय माना जा रहा है। प्रकरण जब प्रकाश में आया और DM प्रतापगढ़ के ऊपर शासन ने डंडा चलाया तो DM प्रतापगढ़ की भी कुम्भकर्णी नींद खुली और उन्होंने बिना देरी किए डी.सी.मनरेगा ओ पी यादव पर चाबुक कसा। फिर क्या था ? पिछले रविवार को छुट्टी के दिन डी.सी.मनरेगा ओ पी यादव विकास भवन पहुँचकर दफ्तर खुलवाया और अपने बचाव का रास्ता तलाशना शुरू किया। सर्वप्रथम विकास खंड गौरा और शिवगढ़ के BDO और लेखाकार के ऊपर शिकंजा कसा गया। दोंनो विकास खंडों में तो मुकदमा तक दर्ज कराया गया।
प्रतापगढ़ में CDO रहे राजकमल यादव के तवादले के बाद तो जिले में एक के बाद एक घोटाले खुलने शुरू हुए जो बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। जबकि राजकमल यादव एक IAS रहे और जब तक जिले में रहे तब तक जिलाधिकारी शंभू कुमार को भी दांव देते रहे। CDO प्रतापगढ़ की कुर्सी पर राजकमल यादव ऐसे IAS अधिकारी रहे जिनके रहते मीडिया और जनप्रतिनिधि सहित सभी रसूख वर्ग को बेहतर ढंग से मैनेज करते देखा गया था और उनके जाते ही भूचाल आना शुरू हो गया। जो लोग CDO राजकमल यादव को ईमानदार मानते थे आजकल उनकी बोलती बंद है। राजकमल यादव का चहेता ठेकेदार योगेश सिंह भी सदमें में हैं। उन्हें भी डर सता रही है कि कहीं उनका नंबर न आ जाए ! हलाँकि विकास के नाम पर गोलमाल करने वाले 11BDO को डी.सी.मनरेगा ओ पी यादव ने नोटिस थमा दिया है। एक सप्ताह के भीतर सभी BDO से स्पष्टीकरण तलब किया है। जिले में मनरेगा के अफसरों की मिली भगत से विकास के नाम पर बड़ा खेल किया गया है। मनरेगा में पहले भी लाखों रुपये का घोटाला सामने आ चुका है। अब देखना है कि इस बार जिले में तैनात योगीराज के ईमानदार अधिकारियों की कलई खुलती है अथवा ले देकर ऊपर स्तर से सबकुछ मैनेज हो जाएगा...!!!

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