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गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

थोथा,फूहड़ कांग्रेसी पाखण्ड केवल एक धोखा मात्र है...

देश में कानूनमंत्री माननीयों को कब बार काउन्सिल ऑफ इंडिया प्रैक्टिस करने पर प्रतिबन्ध लगाएगी...???
✍सतीश चन्द्र मिश्र...
हथियार दलाल क्रिश्चियन मिशेल...
हथियार दलाल क्रिश्चियन मिशेल का बचाव करने के लिए उसका वकील बनकर यूथ कांग्रेस के लीगल डिपार्टमेंट का राष्ट्रीय अध्यक्ष/संयोजक अलजो के.जोसेफ कल कचहरी पहुंच गया था। फिर कचहरी से निकला तो सीधे कांग्रेस दफ्तर पहुंच गया था। तब तक सोशल मीडिया में कांग्रेस पर शब्द पादुकाओं की मूसलाधार बरसात जोरशोर से शुरू हो चुकी थी। उस बरसात से बचने के लिए कांग्रेस ने अलजो के. जोसेफ के निष्कासन का छाता तान लिया। लेकिन कांग्रेस के इस छाते ने कई बहुत संगीन सवालों को जन्म दिया है। हथियार दलाल क्रिश्चियन मिशेल का वकील बनना किसी राजनीतिक व्यक्ति के लिए नैतिक/सैद्धांतिक रूप से गलत तो है लेकिन उतना बड़ा कुकर्म नहीं है जैसा कि सलमान खुर्शीद ने तब किया था जब वो हज़ारों निर्दोष नागरिकों के हत्यारे आतंकी संगठन सिमी का वकील बनकर उसके बचाव में सुप्रीम कोर्ट में दलील दे रहा था कि सिमी एक सामाजिक सांस्कृतिक संगठन है। लेकिन उस समय जोसेफ की तरह सलमान खुर्शीद को पार्टी से निकालने के बजाय कांग्रेस ने कुछ समय बाद देश का कानून मंत्री ही बना दिया था। इसीतरह दर्जन भर से अधिक निर्दोष भारतीय नागरिकों की हत्याओं के अपराधी हत्यारे आतंकी देवेन्द्र पाल सिंह भुल्लर के बचाव के लिए अदालत से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री के घर और दफ्तर तक बरसों चक्कर लगाने वाले कपिल सिब्बल को पार्टी से निकालने के बजाय कांग्रेस ने बाद में सिब्बल को अपनी सरकार का कानून मंत्री बना दिया था। इसलिए हथियार दलाल क्रिश्चियन मिशेल की वकालत करने कचहरी पहुंचे कांग्रेसी नेता अलजो के. जोसेफ को पार्टी निकालने का यह थोथा,फूहड़ कांग्रेसी पाखण्ड केवल एक धोखा मात्र है। इसके अतिरिक्त कुछ नहीं । 

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