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सोमवार, 17 दिसंबर 2018

घोटाले के आरोपी CDOप्रतापगढ़,राजकमल यादव का हुआ तवादला...!!!

जब जिले में करोड़ों रूपये के घोटाले होंगे तो शासन स्तर पर जो होंगे वो निश्चित रूप से अरबों रूपये के ही होंगे...!!!
जनपद प्रतापगढ़ में वर्ष-2018-2019 में IEC/HRD/BCC एवार्नेस के जरिये हुआ करोड़ों का घोटाला...!!!
केंद्र में योगी और सूबे में योगी सरकार के लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही करने का ढिढोरा पीटने का परिणाम पर उस वक्त आघात लगा जब उ प्र के 75 जनपदों में से एक जनपद प्रतापगढ़ में कागज पर बड़ी चालाकी से ऐसा खेल जिले के हाकिमों द्वारा खेला गया जो जनपद स्तर के घोटाले में UPA सरकार में टू जी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले से कम नहीं। जिले के विकास के लिए मुख्य विकास अधिकारी का पद सरकार ने बना रखा है,अब वही मुख्य विकास अधिकारी ही भ्रष्ट और बेईमान हो जाए तो क्या कहने...? प्रतापगढ़ में वर्ष-2018-2019 में IEC/HRD/BCC एवार्नेस हेतु जिले की सभी 17ब्लाकों के लिए 8करोड़,15लाख का इस्टीमेट बनाकर उसका कागजी कोरम पूरा किया गया। इस खेल को हाकिमों द्वारा बड़े इतिमिनान से खेलने का प्लान बनाया गया। नियम-कानून के जानकार हाकिमों ने हर जगह होशियारी दिखाई,परन्तु हर अपराधी और भ्रष्टाचारी अपनी कहीं न कहीं गलती अपने किये गए पाप का छोड़ जाता है,जो जाँच में जाँच अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण होता है।
ई-टेंडरिंग के बाद भी अधोहस्ताक्षरी कर जाते हैं,गड़बड़ी...!!!
जिले के विकास हेतु जनपद के हाकिमों के इशारे पर DPRO के सहयोग से CDO प्रतापगढ़ जिलाधिकारी,प्रतापगढ़ को विश्वास में लेकर उक्त योजना का प्लान तैयार किया। बड़ी चालाकी से इसका टेंडर कराया गया। ई-टेंडरिंग के बाद भी अपने चहेते ठेकेदार को ये कार्य सौंप दिया गया। मजे की बात ये रही कि जिस कार्य हेतु इतना लम्बा चौड़ा बजट तैयार किया गया वो कार्य उसके एक चौथाई बजट से कराया जा सकता था,परन्तु ब्यवस्था में बैठे ईमानदारी का नकाब ओढ़े हाकिमों की जेब कैसे गरम होती...? इसलिए उक्त कार्य को कराने के लिए जानबूझकर भारी भरकम आंगणन तैयार कर उसे हजम करने के लिए जिले के बाहर के ठेकेदार को कार्य आवंटित कर दिया गया। जबकि हकीकत ये रही कि उक्त कार्य मुख्य विकास अधिकारी और उनका चहेता ठेकेदार जो विकास भवन से लेकर स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों का कार्य CDO राजकमल यादव के दबाव में पाता रहा,वही ठेकेदार उक्त कार्य को भी कराने का निर्वहन कर रहा है।
घपले-घोटाले के आरोपों से घिरे मुख्य विकास अधिकारी,प्रतापगढ़ राजकमल यादव...!!!
शुरुवात की बात करें तो इस योजना को विभागीय लोंगो को छोड़ दें तो सामन्यतः लोग समझ ही न सके। विकास भवन में पुराने ठेकेदारों जरिए जब इस घोटाले का जिन्न जनप्रतिनिधियों तक पहुँचा तो जनप्रतिनिधियों सहित उनके प्रतिनिधियों में खलबली मची। ये खलबली महज कुछ ही दिनों में खत्म हो गई,क्योंकि वहाँ भी सब मैनेज हो गया। परंतु ये सब मैनेज करते तक बात शासन तक बढ़ गई। दरअसल जब बात जनप्रतिनिधियों तक गई और उनके द्वारा शासन स्तर पर पत्राचार किये गए तो बात मीडिया के कानों में भी पहुंच गई। जब बात फैल गई तो CDO साहेब के लिए समस्या बढ़ना स्वाभाविक था। फिर भी मनेजमेंट के कुशल खिलाड़ी CDO राजकमल यादव सबको मैनेज करते रहे। सवाल उठता है कि सबको मैनेज कैसे किया ? ...तो उसका जवाब ये है कि उक्त कार्य में नियम-कानून को ताक पर रखकर कोई ठेकेदार को बिना कार्य किये ही पचास फीसदी भुगतान भी कर दिया गया। अब उसी भुगतान में सबको मैनेज किया गया। पूरी योजना का जिस तरह बंदरबांट किया गया,वह चौकाने वाला है। ठेकेदार से बिना उचित धरोहर धनराशि (जमानत राशि) लिए ही उक्त कार्य का आवंटन उक्त फर्म को करना जिले के हाकिमों की ईमानदारी पर सवाल खड़ा करता है। जब CDO राजकमल के भ्रष्टाचार का प्रकरण शासन में गूंजना शुरू हुआ तो शासन ने CDO प्रतापगढ़ को तलब किया। CDO प्रतापगढ़ वहाँ भी मैनेज करने का प्रयास किए,परन्तु सफलता नहीं मिली। अंततोगत्वा उनका CDO प्रतापगढ़ के पद से तवादला कर उन्हें सचिवालय प्रशासन में विशेष सचिव पद पर तैनाती दी गई है l
CDOप्रतापगढ़ के चहेता ठेकेदार योगेश सिंह... 
एक अकेले मुख्य विकास अधिकारी के कार्यकाल में कोई ठेकेदार ईमानदारी से ठेकेदारी करके करोड़ों रुपये कैसे कमा लेगा ? परन्तु यदि हाकिम का हाथ सर पर हो तो कुछ भी संभव है। CDO प्रतापगढ़ के चहेते ठेकेदार ने प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह,प्रतापगढ़ महोत्सव,मुख्यमंत्री के आगमन पर होने वाले सारे कार्य उसी चहेते ठेकेदार ने किए। गाँधी जयंती पर कम्पनी बाग में आयोजित कार्यक्रम को सम्पन्न करने का कार्य भी वही चहेता ठेकादार द्वारा किया गया। हैं न काबिले तारीफ चहेता ठेकेदार ! चहेते ठेकेदार पर क्यों फिदा हुए मुख्य विकास अधिकारी,प्रतापगढ़ राजकमल यादव ? इसका खुलासा भी जल्द हो जाएगा,वशर्ते शासन राजकमल यादव के कार्यकाल में हुए घपले-घोटाले की निष्पक्ष जाँच तो कराएं ! मुख्य विकास अधिकारी,प्रतापगढ़ राजकमल यादव के तवादले के बाद चहेते ठेकेदार और विकास भवन में भ्रष्टाचार के आकंठ डूबे लोंगो के पैरों तले जैसे जमीन ही खिसक गई। फिलहाल राजकमल यादव अपना तवादला रुकवाने के लिए एड़ी-चोटी एक किये हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा ये आम है कि मुख्य विकास अधिकारी, प्रतापगढ़ राजकमल की शिकायत ग्राम्य विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ महेंद्र सिंह द्वारा स्वयं संज्ञान में लिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या से प्रतापगढ़ हेलीकाप्टर में बैठकर डॉ महेंद्र सिंह आये थे और वापस साथ लखनऊ भी गए। सूत्रों का कहना है कि डॉ महेंद्र सिंह ने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से CDO प्रतापगढ़ राजकमल यादव की शिकायत की जिसे गंभीरता से लेते हुए उनका तवादला किया गया। देखना है कि राजकमल यादव मुख्य विकास अधिकारी का तवादला शासन रोकता है कि उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्च स्तरीय जाँच कराकर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करता है...!!! 

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