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रविवार, 21 अक्तूबर 2018

तहसील प्रशासन और प्रभारी कोतवाल व चौकी इंचार्ज भंगवा का अरबों रुपये की ट्रस्ट की सम्पत्ति पर अवैध कब्जा कराने में कहीं भूमाफियाओं से मिलीभगत तो नहीं....!!!

आर्य समाज की बिल्डिंग शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय पर भरत मिलाप मेले के दिन कब्जा कर लेना चाहते थे जिले के भूमाफिया और उनके गुर्गे...!!!   
                         शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय...
प्रतापगढ़। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध। शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय के मुख्यद्वार पर गुमटी रखकर आर्य समाज की बिल्डिंग पर अवैध कब्जे की भूमाफियाओं ने पूरी तैयारी कर ली थी और इसी उद्देश्य से दो दिन से अंदर ही अंदर काम होता रहा और बाहर किसी को पता न चल सका जबकि छः दिन पूर्व जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने संस्था के पदाधिकारियों के शिकायती पत्र पर आदेश जारी किया था,परन्तु उक्त आदेश का पालन नहीं कराया गया। प्रतापगढ़ जनपद में ऐसे भूमाफिया पैदा हो चुके हैं कि कल वो चौक घंटाघर पर हाथ रख दें तो घंटाघर उनका मान लिया जायेगा। जिला प्रशासन को याद रखना चाहिये कि ट्रस्ट के बाद भूमाफियाओं की नजर उनके सरकारी दफ्तरों पर भी जा सकती है,फिर उस वक्त वो क्या करेंगे...??? जनपद प्रतापगढ़ में भूमाफियाओं के आगे जिले के मंत्री विधायक और सांसद भी बेदम हैं समाजसेवियों और विपक्ष के नेताओं को भी भूमाफियाओं से डर लगता है। किसी तरह हिम्मत करके सदर विधायक संगम लाल गुप्ता ने भूमाफियाओं के विरुद्ध मुख्यमंत्री से शिकायत की,परंतु राजस्व विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने जाँच रिपोर्ट में गोलमोल कर भूमाफियाओं के इशारों पर अपनी समझ से उनके पक्ष में रिपोर्ट लगा दी। फ़िलहाल राजस्व विभाग के भ्रष्टतम अधिकारियों ने जो भी समझ कर रिपोर्ट लगाई उससे उन भूमाफियाओं का भला होने वाला नहीं। चूँकि रिपोर्ट में ये कहीं नहीं कहा गया है कि उक्त सम्पत्ति शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय यानि आर्य समाज की नहीं है। आज प्रकरण में जब भूचाल आया तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रतापगढ़ में भरत मिलाप के आयोजन पर मौजूद सांसद प्रतापगढ़ कुंवर हरिवंश सिंह से मिलकर पूरा बृतांत बताया तो सांसद द्वारा दूरभाष से ही जिलाधिकारी,प्रतापगढ़ से वार्ता कर ट्रस्ट की सम्पत्ति पर भूमाफियाओं के जबरन कब्जे पर आपत्ति जताई...!!! 
नगरपालिका के डिमांड रजिस्टर शीतलप्रसाद आर्यकन्या विद्यालय...  
नगरपालिका क्षेत्र के हादीहाल तुलसीसदन के सामने पश्चिमी दिशा में उत्तर तरफ आर्य समाज की अरबों रुपये की सम्पत्ति है,जिस पर भूमाफियाओं की नजर कई वर्ष से टिकी है। शहर के बीचोंबीच इलाहाबाद-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरबों रुपये की बेशकीमती ट्रस्ट की जमीन को जिलाधिकारी,प्रतापगढ़ के आदेश के बावजूद भूमाफियाओं द्वारा आर्य समाज की बिल्डिंग शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय पर दिन दहाड़े कब्जा किया जा रहा है ! जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को 6दिन पूर्व जब भूमाफियाओं द्वारा जबरन कब्जा करने की जानकारी ट्रस्ट के पदाधिकारियों को हुई तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने DM को शिकायती पत्र दिया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा उक्त शिकायती पत्र त्वरित आदेश भी जारी किया गया,परंतु तहसील प्रशासन और नगर कोतवाल एवं चौकी इंचार्ज भंगवा द्वारा अभी तक कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। मनबढ़ भूमाफियाओं और उनके गुर्गो द्वारा ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर फोन करके दबाव बनाना शुरू किया गया है। चर्चाओं पर गौर तो ट्रस्ट के अध्यक्ष अभय खंडेलवाल और महामंत्री हरिकांत को भूमाफियाओं द्वारा अपने पाले में कर लिया गया है अथवा उन्हें डरा धमका कर शांत करा दिया गया है। चूँकि दोनों पदाधिकारियों की  बातचीत पहले जैसे नहीं रही। आज की शिथिलता से दोनों पदाधिकारियों पर ट्रस्ट की सम्पत्ति में कार्यवाही में सहयोग न करने तक के आरोप लगे l आरोपों पर गौर करें तो ट्रस्ट से जुड़े पुराने लोंगो ने यहाँ तक आरोपित किया कि सभी तरह के कागजात दबाकर ट्रस्ट के अध्यक्ष अभय खंडेलवाल और महामंत्री हरिकांत बैठे हैं। 
              ट्रस्ट के लिए लड़ाई लड़ने वाले ट्रस्ट से जुड़े लोग...  
फिर भी ट्रस्ट से जुड़े तमाम अन्य लोग इस लड़ाई में आगे आ रहे हैं और उनके दावे हैं कि कुछ भी हो जाए भूमाफियाओं की दाल आर्य समाज की बिल्डिंग शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय पर नहीं गलने वालीजिला प्रशासन के रवैये से ट्रस्ट के पदाधिकारियों में असंतोष ब्याप्त है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों को डरा धमकाकर भूमाफियाओं ने भरत मिलाप मेले के दिन को जबरन कब्जे के लिए उपर्युक्त दिन चुना। ताकि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन मेले की व्यस्तता में उनके द्वारा किये जा रहे अवैध कब्जे पर ध्यान न दें और उनका कब्जा हो जाये। यदि ट्रस्ट पदाधिकारियों में से जबरन कब्जा करने की शिकायत कोई पदाधिकारी करने की हिम्मत भी करें तो जिला प्रशासन भरत मिलाप मेले का बहाना बताकर अपरोक्ष रूप से भूमाफियाओं की मदद पहुँचा सके। प्रकरण को गहराई से समझने पर ऐसा एहसास होता है कि जिला प्रशासन की ढुलमुल नीति ही भूमाफियाओं को लाभान्वित करती हैं। जबकि सूबे में योगी सरकार बनते ही एंटी भूमाफिया सेल बनाया गया। फिर भी भूमाफियाओं पर योगी सरकार के एंटी भूमाफिया सेल का कोई भय नहीं ! क्योंकि जिला प्रशासन का जब आशिर्वाद भूमाफियाओं के सिर पर रहेगा तो उनका कोई क्या कर लेगा...? आज भरत मिलाप मेले का फायदा उठाना चाहते थे,भूमाफिया और उनके गुर्गे...!!!

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