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सोमवार, 21 मई 2018

पुलिस की निष्क्रियता से प्रतापगढ़ में ख़त्म हुआ खाकी का इकबाल

अपराध नियंत्रण में फेल हो चुकी प्रतापगढ़ की फिसड्डी पुलिस...
 उ.प्र.के मंत्री डॉ महेंद्र सिंह के आवास पर SP प्रतापगढ़ SK सिंह...
जब सूबे में एक वर्ष पहले भाजपा की योगी सरकार शपथ ली तो आमजन मानस में ये विश्वास जगा था कि पुलिस अपराध पर नियंत्रण करेगी और अपराधियों को जेल भेजेगी। योगी सरकार के भी एक वर्ष बीत गए और मोदी सरकार के 4वर्ष बीत गए परंतु सूबे में अपराध पर कोई नियंत्रण नहीं हो सका। योगी सरकार के जब मंत्री का खर सुरक्षित नहीं तो वो किस मुंह से आम जनता को सुरक्षित होने का भरोसा दिलायेगी ? पार्टी शीर्ष नेतृत्व में अपनी पहचान बना चुके योगी सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ महेंद्र सिंह का पैतृक गांव का घर चोरों ने खंगाल लिया। योगी सरकार सरकारी नौकरशाहों की स्क्रीनिंग कराकर निष्क्रिय हो गए नौकरशाहों को एडवांस में सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया l कई विभागों में कई नौकरशाहों को एडवांस में सेवा समाप्त कर घर भेज दिया गया। परंतु योगीराज में दुःखद पहलू ये रहा कि तोन्दू और भोंदू किस्म के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर यदि ईमानदारीपूर्वक निष्क्रियता की स्क्रीनिंग कराई जाए तो 25%पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी उसकी जद में आयेंगे। पुलिस महकमें में ऐसे भी अधिकारी और कर्मचारी पड़े हैं जो 10 कदम दौड़कर बदमाशों को पकड़ नहीं सकते। उठने-बैठने के लिये उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ती है। फिर ऐसे पुलिस से अपराध नियंत्रण होने का मंसूबा पालना दिन में तारे देखने के बराबर है। 
प्रतापगढ़ में बदमाश और चोर तो इस कदर बेख़ौफ़ हो चुके हैं कि आम आदमी का जीना मुहाल है। हालात इस कदर खराव हैं कि कोई व्यक्ति अपने को सुरक्षित नहीं मानता। रात्रि में मंत्री के घर चोरी होती है और दिन में व्यापारी के मुनीम पर बाइक सवार बदमाशों द्वारा फायर झोंक कर उससे लूट की घटना को अंजाम दिया जाता है। फायर होते ही बाइक छोड़कर गाँव की तरफ मुनीम अपनी जान बचाने के लिये भागता है। बाइक की डिग्गी तोड़कर साढ़े चार लाख रूपये लूटकर बदमाश फरार हो जाते हैं। ये घटना भाजपा के तेज तर्रार विधायकों में अपना नाम गिनाने वाले धीरज ओझा के विधानसभा क्षेत्र रानीगंज का है। थाना रानीगंज इलाके के राजापुर गांव के पास की ये वारदात है प्रतापगढ़ की फिसड्डी पुलिस सिर्फ हफ्ता लेने में माहिर है। अपराध नियंत्रण उसके बस का नहीं रह गया। क्योंकि जब पुलिस जुआ का फंड सजवायेगी और उससे हफ्ता लेगी तो जुए में हारने वाला इंसान के घर रुपये छापने की नोट वाली मशीन नहीं लगी। वो क्षेत्र में छिनैती और लूट जैसी घटना को अंजाम देंगे। चोरी करेंगे वो चाहे मंत्री का घर हो अथवा संतरी का ! तभी तो शनिवार की रात राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ महेंद्र सिंह के परिवार में चोरों ने कहर ढाया। मंत्री के ताऊ,चाचा समेत आधा दर्जन से अधिक घरों में नकदी समेत पंद्रह लाख से अधिक के जेवरात चोरों ने चोरी की प्रतापगढ़ की निकम्मी और कायर पुलिस चोरों का सुराग तक नही लगा सकी। अपराधियों को जनप्रतिनिधियों का संरक्षण मिला होता है। जब ये अपराधी इन नेताओं यानि जनप्रतिनिधियों को अपना निशाना बनाते हैं तो इनका दिमाक खुलता है,नहीं तो आमतौर पर पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर उसे छुड़ाने के लिये यही जनप्रतिनिधि ही आगे आते हैं और पुलिस की कार्यवाही में विघ्न डालते हैं। जब ये अपराधी अपना हाथ इन नेताओं पर साफ करते हैं तो हायतौबा मचती है। चूंकि सच तो यही है कि अपराधी, अपराधी होता है। उसे संरक्षण देना सांप को दूध पिलाने जैसा है...!!!

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