सैयां भये कोतवाल तो डर काहें का...!!!

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बच्चों की परीक्षा के मध्य और वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में प्रतापगढ़ महोत्सव कराने का मकसद समझ के परे...!!!
उप जिला मजिस्ट्रेट सदर प्रतापगढ़ के ऑफिस रजिस्टर की प्रति... 
 प्रतापगढ़। 15मार्च, 2018 से GIC ग्राउंड में प्रतापगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक सरकारी व गैर सरकारी आयोजन करने के पहले उस स्थल का, जहां आयोजन होना रहता है,उस स्थल के स्वामी से आयोजन करने के सम्बंध में NOC लिये जाने का प्राविधान है। तत्पश्चात आयोजन करने की अनुमति उस क्षेत्र के उप जिला मजिस्ट्रेट से लेने की व्यवस्था है,जिसमें स्थानीय पुलिस अपनी रिपोर्ट देती है,तभी उप जिला मजिस्ट्रेट आयोजन करने की अनुमति देते हैं। ये है किसी भी शासकीय, अर्धशासकीय एवं गैर सरकारी आयोजन को सम्पन्न कराने की प्रक्रिया। प्रतापगढ़ महोत्सव का आयोजन GIC ग्राउंड में जिला प्रशासन की तरफ से हो रहा है। उक्त आयोजन के सम्बंध में खुलासा इंडिया की टीम द्वारा पड़ताल किया गया तो GIC परिसर को महोत्सव के आयोजन हेतु प्राचार्य-जी आई सी से अनुमति नहीं ली गई और न ही NOC ही प्राप्त की गई। अब बात करते हैं हाल ही में पारित न्यायालय के उस आदेश की,जिसमें ध्वनि प्रदूषण के प्रकरण में सामान्य नागरिक को सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश और उसके क्रियान्वन हेतु जारी शासनादेश,जिसमें रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड बजाने पर मनाही है। सिर्फ सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही साउंड सिस्टम को नियमतः बताया जा सकता है,परन्तु उसके लिये सम्बंधित क्षेत्र के उप जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय से साउंड सिस्टम बजाने के लिये अनुमति लेना आवश्यक है। प्रतापगढ़ महोत्सव में साउंड सिस्टम बजाने के लिये अनुमति नहीं ली गई। प्रतापगढ़ महोत्सव के आयोजन की अनुमति की तहकीकात करने खुलासा इंडिया टीम उप जिला मजिस्ट्रेट सदर,प्रतापगढ़ के कार्यालय पहुंच कर विभिन्न प्रकार के आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण हेतु निर्गत किये गए अनुज्ञा-पत्र आदेश के रजिस्टर का मोयना किया तो उसमें प्रतापगढ़ महोत्सव के आयोजन में ध्वनि प्रदूषण की अनुमति नहीं ली गई है। प्रमाण स्वरूप रजिस्टर का अवलोकन किया जा सकता है। बड़ा सवाल है कि देश में बनने वाले सारे नियम-कानून सामान्य आदमी के लिये बनाये जाते हैं। चूंकि जिला प्रशासन द्वारा शहर के बीचोंबीच आवासीय क्षेत्र स्थित GIC परिसर में आयोजित प्रतापगढ़ महोत्सव बिना अनुमति के कराया जा रहा है। इससे तो यही सिद्ध होता है कि "समरथ को नहीं दोष गोसाई॥" सुप्रीम कोर्ट ने कई वर्ष पहले रात्रि 10 बजे से शुबह 6 बजे के बीच साउंड सिस्टम को पूर्णतयः प्रतिबंधित किया है। इसके बाद भी प्रतापगढ़ महोत्सव आयोजन समिति रात्रि 10 बजे के बाद भी महोत्सव में लाउडस्पीकर और बड़े-बड़े साउंड बजवा जा रही है। चूंकि प्रतापगढ़ महोत्सव आयोजन समिति में जिला प्रशासन स्वयं शामिल है। एक तरह से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना और प्रमुख सचिव "गृह",के शासनादेश की धज्जियां जिला प्रशासन खुलेआम उड़ा रहा है...!!!

rameshrajdar

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