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मंगलवार, 6 मार्च 2018

जीवन में नहीं देखी लालजी रावत जैसी शख्सियत...

वो कहते थे कि एक-एक दो नहीं होते...!
हम कहते थे कि फिर कितने होते है...? तो कहते थे कि "ग्यारह" हमारा सवाल होता था, वो कैसे...? तो कहते थे कि हम और तुम 11 तो हुए...! क्या सोच थी....? क्या नजरिया था,रावत जी का...? #अतुलनीय और लाजवाब...!!!

यादों में लालजी रावत...

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