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गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

DIOS प्रतापगढ़ कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर

माध्यमिक शिक्षा परिषद् उ.प्र. इलाहाबाद द्वारा वर्ष-2018 की परीक्षा हेतु जारी केंद्र निर्धारण नीति को दर किनार कर स्व वित्त पोषित संस्थाओं से केंद्र के आवंटन के नाम पर करोड़ों रूपये की हुई है,उगाही...!!!
@@@...विधानसभा में भी गूंजा शासनादेश की अनदेखी व DIOS और शिक्षा माफियाओं के गठजोड़ और उस गठजोड़ द्वारा केंद्र निर्धारण में नकल माफियाओं से किये गए भ्रष्टाचार का मामला...!!!
DIOS डॉ ब्रजेश मिश्र विन चढ़ावे के नहीं करते कोई काम...!!!
प्रतापगढ़ l वैसे तो प्रतापगढ़ थर्ड क्लास के जिले के तमगे से अपने को उबार नहीं पा रहा,परन्तु माफियागीरी से लेकर अपराध और सारे अवैध कार्य जो पैसे और सत्ता के दम पर हासिल होता है,उसमें प्रतापगढ़ अव्वल रहता है l जनपद में राजनीतिक दिग्गजों की भी कमी नहीं है l इस जनपद में पहले तो कोई अधिकारी आना नहीं चाहता और जो प्रतापगढ़ का खारा पानी का स्वाद एक बार ले लेता है,वो जाना नहीं चाहता l कई अधिकारी तो प्रतापगढ़ में दोबारा आये और उन्हें भले ही दोबारा प्रतापगढ़ सूट न किया हो पर प्रतापगढ़ के खारे पानी का स्वाद उन्हें दोबारा आने के लिए विवश किया l प्रतापगढ़ के खारे पानी का दूसरा अर्थ बड़ी आसानी से प्रतापगढ़ में नौकरी करते हुए लूट खसोट का गोरखधंधा चलता है l वशर्ते उस भ्रष्ट अधिकारी को थोड़ा धैर्य रखते हुए सिर्फ एक फार्मूला याद रखते हुए कि बेईमानी का धंधा बड़ी ईमानदारी से किया जाता है तो उसे प्रतापगढ़ जैसे जिले से कभी मोहभंग हो ही नहीं सकता l कई गैर प्रांत के अधिकारी प्रतापगढ़ में नौकरी कर यहीं बस गए l
 उपमुख्यमंत्री/उच्च शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा जी की धूमिल होती छवि
शिक्षा के क्षेत्र में प्रतापगढ़ का नाम बड़े अदब से लिया जाता है l चूँकि जनपद में पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय जी ने जो अलख जगाई वो किसी अन्य जनपदों में नहीं रहा l इसीलिए पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय जी की तुलना प्रतापगढ़ के लोग पंडित मदन मोहन मालवीय से करते हैं l पंडित जी का वो दौर ईमानदारी का रहा,परन्तु आज का दौर घोर भ्रष्टाचार का है l विना रिश्वत दिए आज के दौर में कोई कार्य हो ही नहीं सकता l सरकार चाहे बसपा की रही हो अथवा सपा की रही हो,परन्तु शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार बढ़ता ही गया l भगवाधारी योगी सरकार में ईमानदारी का चोला पहनकर डॉ दिनेश शर्मा से आम लोगों को बहुत सी उम्मीदे थी,जो दरकती नजर आ रही हैं l डॉ दिनेश शर्मा लखनऊ के तीन टर्म मेयर रहे और अच्छी छवि के नेताओं में उनका नाम लिया जाता रहा,परन्तु शिक्षा जगत में जिस तरह से लूट और डकैती की जा रही है,इससे अधिक शर्म की बात और दूसरी कोई हो भी नहीं सकती l शिक्षा विभाग में हर मर्ज की सिर्फ एक दवा,पैसा लो और पैसा दो...!!!
हर मर्ज की सिर्फ एक दवा,पैसा लो और पैसा दो...!!!
प्रतापगढ़ में BSA रहे वर्तमान DIOS डॉ ब्रजेश मिश्र विन चढ़ावे के कोई काम नहीं करते l उनका BSA का कार्यकाल भी विवादों से भरा रहा l वर्ष-2007 में सपा सरकार जाते ही बसपा सरकार के एक विधायक से अनबन हो गई तो इनका इलाहाबाद में तवादला हो गया था l दबंग विधायक ने उस वक्त इन्हें इतना ज़लील और बेइज्जत किया था कि पूछिए मत l परन्तु जिस शख्स के मुंह में एक बार भ्रष्टाचारी खून लग जाता है,उसे दूध भी अच्छा नहीं लगता l डॉ ब्रजेश मिश्र भी उन्हीं अधिकारियों में से एक हैं l उनके लिए पैसा ही उनका माई-बाप है l यदि उन्होंने किसी कार्य के लिए पैसा की मांग कर ली तो साक्षात परब्रम्ह भी आ जाए तो भी वो सुनने वाले नहीं हैं l एक वाकया से इनकी पैसे लेकर काम करने की आदत की पोल खुल जाती है l इस बार खुलेआम माध्यमिक शिक्षा परिषद् उ.प्र. इलाहाबाद द्वारा वर्ष-2018 की परीक्षा हेतु जारी केंद्र निर्धारण नीति को दर किनार कर स्ववित्तपोषित संस्थाओं से केंद्र के आवंटन के नाम पर DIOS प्रतापगढ़ डॉ ब्रजेश मिश्र अपने आदमियों से करोड़ों रूपये की उगाही कराई है l
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग,इलाहाबाद 
केंद्र निर्धारण नीति शासनादेश संख्या-1584/15-7-2017-1(118)/2010 शिक्षा अनुभाग-7 लखनऊ दिनांक 16 अक्टूबर,2017 के नाम पर स्व वित्त पोषित संस्थाओं से इनके वसूली अभिकर्ता जमकर वसूली किये l किसी तरह की शिकायत की परवाह किये वगैर इनका गोरखधंधा फलता -फूलता रहा l मोदी और योगी सरकार में भले ही ईमानदारी का ढिढोरा पीटा जा रहा है,परन्तु बेईमानी और भ्रष्टाचार का रसास्वादन करने वालों के सेहत पर कोई फर्क नहीं l इस तरह खुली लूट देखकर भगवाधारी सरकार से भी आमजन का मन खिन्न होने लगा है l आखिर ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाने वाले मोदी और योगी की सरकार में ये भ्रष्ट किस्म के अधिकारी ही बार-बार कैसे चार्ज पा रहे हैं ? वो भी उसी जनपद में जहाँ उनके लूट को बढ़ावा देने वाले सारे तंत्र पहले से मौजूद हैं l इन पर योगी जी की नजर कब पड़ेगी ? आयकर विभाग की टीम इनके करोड़ों रूपये पर हाथ क्यों नहीं डाल रहे हैं ? आखिर इन्हें राजनीतिक संरक्षण कौन प्रदान कर रहा है ? क्या इस लूट का हिस्सा ईमानदारी का चोला ओढ़े उच्च शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा तक नहीं पहुँच रहा ? ये बहुत सारे सवाल एक साथ दिलोदिमाग में बुरी तरह कौंध रहे हैं,परन्तु इसका दो टूक जवाब कोई नहीं देता...!!!

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