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मंगलवार, 16 जनवरी 2018

समाजसेवियों की पहल से सदर मोड़ पर घंटों से लगे जाम से मिली आम लोगों को निजात

पुलिस की कार्यशैली से स्थानीय लोग थे,नाराज....!!!
जनसहयोग से महाराणा प्रताप की मूर्ति में लगाया गया दूसरा भाला...
प्रतापगढ़। कोतवाली नगर क्षेत्र का सदर मोड़ तिराहा पर नपाध्यक्ष जी के पति हरि प्रताप सिंह का आवास है। अपने आवास के ठीक सामने तिराहे पर #महाराणाप्रताप जी की प्रतिमा स्थापित कराये थे। अपने घोड़े पर सवार हाथों में भाला लिये ये प्रतिमा सदर मोड़ पर स्थापित है। शातिर चोरों ने इस बार #महाराणाप्रताप जी के भाले को निशाना बनाया। बड़ा सवाल तो यही है कि यहां पर प्रतापगढ़ की काबिल पुलिस के जवान ड्यूटी भी करते हैं। सदर मोड़ पर मौजूद पुलिस के जवान भूंसा और लकड़ी जैसे लोड किये वाहनों से मुट्ठी बांधकर खुलेआम रिश्वत भी लेते हैं। पुलिस की  मौजूदगी में शातिर चोरों द्वारा #महाराणा_प्रताप का #भाला #चोरी हो जाता है। फिर भी पुलिस प्रसाशन मौन है। ये चोरी पुलिस के लिये नाक कटाने जैसा है
 महाराणा प्रताप की प्रतिमा से चोर निकाल लिये थे,भाला...
जिला प्रशासन और पुलिस लाखों रुपए खर्च कर अपराध पर अंकुश लगाने और अपाराधियों पर नजर रखने के लिये सी सी टी वी कैमरे शहर भर के चौराहों पर लगवाई। इतना ही नहीं फ्लैक्स बोर्ड बनाकर जगह-जगह दावा किया गया कि सावधान आप तीसरी आँख के जद में हैं। आप कुछ भी करोगे तो पकड़े जाओगे ! फिर तीसरी आँख का क्या हुआ ? आज तक तीसरी आँख से एक भी अपराध नहीं खुले। यानि सरकारी धन से लगे कैमरे सिर्फ दिखाने के लिये रहा। व्यवस्था में शामिल लोग कमीशन लिये और उसके बिल का भुगतान कर फुर्सत हो लिये। तीसरी आँख बंद अपराधी मस्त। जब बहुत दबाव होता है तो निजी भवनों में भवन मालिकों के धन से लगे कैमरे की फुटेज लेने पुलिस पहुंचती है और रौब से भवन स्वामी से कहती है कि तुम्हारे यहां सी सी टी वी कैमरा लगा है,उसकी फला डेट की इतने बजे से इतने बजे की फुटेज चाहिये। यही हकीकत है। सदर मोड़ पर भी नपाध्यक्ष के आवास और बगल में रूमा अस्पताल के बाहर  कैमरा है। क्या प्रतापगढ़ की पुलिस उसका सहारा लेकर भाले की तलाश करेगी...? आज स्थानीय लोगों ने जब सदर मोड़ पर महाराणा प्रताप के चोरी हो गए भाले को लेकर जाम लगाया तो शेखर सिंह की अगुवाई में उनके कई मित्र सदर मोड़ पहुंचे और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए जाम को खुलवाया और स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए शेखर सिंह ने जनसहयोग से दूसरा भाला लगाकर आज बड़े विवाद को बचा लिया। इस बड़े विवाद को सुलझाने में युवा भाजपा नेता सचिन सिंह, कुंवर अमर सिंह उर्फ़ विकास सिंह, विकास सिंह, समाजसेवी विजय सिंह "राजू" के अनुज "शेखर सिंह" ने आपसी सहयोग से महाराणा प्रताप की मूर्ति में पुनः तांबे का भाला लगाने का काम किया। इस मौके पर संदीप सिंह, निहाल सिंह आदि साथीगण मौजूद रहे। समाजसेवियों के इस सहयोग से पुलिस ने राहत की सांस ली और घंटों से फंसे लोंगो ने जमकर उनकी सराहना की...!!!

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