खुलकर सामने आ गई भाजपा की गुटबाजी

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हरि प्रताप सिंह की पत्नी प्रेमलता सिंह हैं,भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष पद की उम्मीदवार...
एक मंच पर एकत्र हुए भाजपाई दूसरे दिन ही हो गए फिर से छिन्न भिन्न.... 
अभी एक दिन पहले सूबे की सत्ता संभालने वाली पार्टी के प्रदेशध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय लाखो रूपए खर्च कर प्रतापगढ़ में हेलीकाप्टर से भारतीय जनता पार्टी के निकाय चुनाव के उम्मीदवारों के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित भाजपा कार्यालय को ही केन्द्रीय निर्वाचन कार्यालय के रूप में फीता काटकर उसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन के मौके पर ही पार्टी के पदाधिकारियों में अंतर्कलह की बात जगजाहिर हुई थी। मंचासीन पदाधिकारी और वक्ताओं ने अपने भाषणों से ही निकाय चुनाव पर विपक्षी जैसे सवाल खड़े किये थे। भाजपा प्रदेशध्यक्ष के आगमन पर भी अपेक्षित भीड़ न होने से पार्टी पदाधिकारियों में बातचीत होती रही भाजपा के कई ऐसे नेता भी रहे,जो प्रतापगढ़ मुख्यालय पर रहते हुए भी प्रदेशध्यक्ष के कार्यक्रम में सिरकत नहीं किये।इस आयोजन से ठीक एक दिन पहले भाजपा के एक पूर्व जिलाध्यक्ष पार्टी कार्यालय पर बाहर ही बैठे मिल। उनसे निकाय चुनाव की स्थिति जानने का जब प्रयास किया गया तो उनका कहना था कि को नृप होई हमें का हानि।चेरि छोड़ होबई न रानी। बहुत कुरेदने पर नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने कहा कि जिसने टिकट बेंचा है,नगरपालिका की सीट जिताने की जिम्मेवारी उसकी है, न कि हमारी जो उम्मीदवार है,वो पैसेवाला है जैसे टिकट की ब्यवस्था कर उम्मीदवार हुआ,वैसे पैसा बांटकर चुनाव भी जीत लेना चाहिए। पैसा कोई कमाएगा और मेहनत कोई करेगा ? ये सब नहीं होने वाला...!!!
 पार्टी पदाधिकारियों से निराश व हताश निवर्तमान नपाध्यक्ष हरि प्रताप सिंह...
पूर्व जिलाध्यक्ष की बातों से इस बात की पुष्टि हो रही थी कि वर्तमान परिवेश में पार्टी की स्थिति से वो संतुष्ट नहीं हैं दूसरे दिन भाजपा प्रदेशध्यक्ष के आने और पार्टी से नाराज पदाधिकारियों को मना लेने के उम्मीद थी,परन्तु उस उम्मीद पर उस वक्त पानी फिर गया जब पार्टी का एक पदाधिकारी फोन कर बताया कि हमारे पार्टी के प्रदेशध्यक्ष के आने और लाखो रूपए पानी की तरह बहाने का क्या औचित्य रहा जब नगरपालिका चुनाव हेतु खोला गया केन्द्रीय चुनाव कार्यालय पर ताला लटक रहा है...? फोन करने वाला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से बताया कि वह खुद पार्टी कार्यालय आया हुआ है और पार्टी कार्यालय में ताला जड़ा हुआ है। ऐसे में वह अपने घर वापस जा रहा है। इससे स्पष्ट हो गया कि भाजपा में भीतर ही भीतर घमासान मचा हुआ है। किसी भी राजनीतिक पार्टी में एकजुटता न होने से चुनाव में उसका नुकसान उठाना पड़ता है। भीतरघात की डर से नफा-नुकसान का आंकलन कर निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह अपने पत्नी प्रेमलता सिंह के चुनाव की कमान खुद संभाला है और भाजपा कार्यालय पर प्रदेशध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय द्वारा फीता काटकर खोले गए केन्द्रीय कार्यालय पर भरोसा न कर अपने सदर स्थित शहर के आवास पर चुनाव प्रवंधन का कार्य शुरू कर दिया है। ऐसा करने के पीछे इस बात का संकेत मिलता है कि पार्टी में दोहरे चरित्र वाले दोखेबाज ब्यक्तियों से चुनाव में होने वाले धोखे से बचा जा सकता है। जो वास्तव में उनके चुनाव में उनका सहयोगी होगा वो उनके घर भी जाकर उनकी मदद में हाथ बटायेगा भाजपा की गुटबाजी में केन्द्रीय चुनाव कार्यालय पर पसरे सन्नाटे से जहाँ चुनावी माहोल खराब होगा,वहीं पार्टी में बगावत और अंतर्कलह और तेज़ होगी...!!!    

rameshrajdar

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