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मंगलवार, 17 अक्तूबर 2017

दवा व्यवसायी की पत्नी को नही रहा पुलिस पर भरोसा, योगी सरकार से लगाई सीबीआई जांच की गुहार

वाह रे योगी सरकार....
पहले पति की हत्या और उसके बाद उसके कातिलों से न्याय पाने के लिए  इतना संघर्ष ...!!!
पुलिस की कार्य प्रणाली से नाराज सारिका ने पति की हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग CBI से की...    
दवा व्यवसायी मुकेश मिश्रा की पत्नी सारिका ने अपने पति के हत्याकांड में जानकीपुरम पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर असंतुष्टि प्रकट करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। सारिका का कहना है कि हत्याकांड के ढाई महीने बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस हत्याकांड का खुलासा करना तो दूर, सुराग तक नही लगा सकी है। पुलिस की अब तक कि कार्रवाई से क्षुब्ध सारिका अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिये जन समर्थन जुटाने हेतु सड़क पर पर्चे बांटकर सहयोग की अपील कर रही हैं, उनके साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए तमाम सामाजिक संगठन भी उनकी इस मुहिम का हिस्सा बन रहे हैं। सारिका का कहना है कि मेरे पति के लिये मुझे न्याय चाहिये और यह लड़ाई मैं आखिरी सांस तक लड़ती रहूंगी चाहे इसके लिये मुझे कोई भी दरवाजा खटखटाना पड़े।
 एक पत्नी अपने मृत पति के हत्यारों को सजा दिलाने की छेड़ रखी है,अलग मुहिम 
सारिका ने एक दैनिक में छपी खबर जिसके मुताबिक जानकीपुरम थाने के इंस्पेक्टर अमरनाथ का कहना है कि परिजन पुलिस जांच में सहयोग नही कर रहे हैं इसलिये इस हत्याकांड के खुलासे में देर हो रही है का हवाला देते हुए कहा है कि पुलिस उन परिजनों के साथ सख्ती क्यों नही बरत रही है। इंस्पेक्टर के बयान को आधार बनाते हुए सारिका ने पुलिस से पूछा है कि आखिर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश क्यों नही कर रही है कि परिजन जांच में सहयोग क्यों नही कर रहे ? क्या परिजन नही चाहते कि इस हत्याकांड का खुलासा हो ? केस का खुलासा न होने की स्थिति में किन परिजनों को क्या फायदा हो सकता है ? 
मृत पति के प्रकरण में न्याय पाने हेतु पत्नी ने छेड़ रखी हैं,जंग 
सारिका का कहना है कि जो बात एसओ जानकीपुरम कह रहे हैं वही बात मैं दिन से कह रही हूँ कि कुछ लोग नही चाहते कि केस का खुलासा हो। सारिका का यह भी आरोप है कि घटना के पहले दिन से ही जांच को प्रभावित करने की हरसंभव कोशिश की गयी, तथा कुछ लोगों द्वारा पुलिस को मूल मुद्दे से भटकाने की कोशिश की गयी और यह कोशिश बदस्तूर जारी है। मैं जब भी थाने गयी तो हर बार मुझे छानबीन का बहाना बनाकर टरका दिया गया। मेरी जान को खतरा होने के बावजूद पुलिस ने अब तक मेरी सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नही किया है। अगर मुझे कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी जबकि इस संबंध में मैं एसएसपी लखनऊ को दो माह पूर्व ही प्रार्थनापत्र दे चुकी हूं, अखबारों ने भी इस संबंध में "दवा व्यवसायी की पत्नी ने बताया जान का खतरा" हेडिंग के साथ खबर प्रकाशित की थी।
 योगी सरकार से एक अबला की यही पुकार, CBI से कराएं जांच ....
सारिका का कहना है इस केस में कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी घटनास्थल पर मौजूदगी से लेकर अब तक के क्रियाकलाप संदेह के घेरे में है। पुलिस अगर इस हत्याकांड के पूरे घटनाक्रम की समीक्षा तथा मेरे द्वारा दिये गए प्रार्थनापत्र में लगाये गए आरोपों की बिंदुवार जांच करे तो बहुत जल्द इस हत्याकांड का खुलासा कर सकती है। लेकिन लगता नही पुलिस ऐसा करेगी। मेरा पुलिस से पूरी तरह विश्वास उठ चुका है। सारिका ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंन्त्री से मांग की है कि वह इस घटना का संज्ञान लेकर इस हत्याकांड की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का आदेश दें। ज्ञात हो कि विगत 27 जुलाई 2017 को रात 11 बजे अज्ञात बदमाशों ने जानकीपुरम, लखनऊ में दवा व्यवसायी मुकेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजधानी में मुख्यमंत्री की नाक के नीचे घटी इस घटना का तीन दिनों में खुलासा करने का आश्वासन देने के बावजूद लखनऊ पुलिस घटना के ढाई महीने बाद भी इस संगीन हत्याकांड का न खुलासा कर सकी है और न ही इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी हुई है। 

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