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शनिवार, 7 अक्तूबर 2017

हनीप्रीत ने पुलिस से बचने के लिए 38 दिन में यूज किए 17 सिम कार्ड

परत दर परत खुलती जा रही है,हनी प्रीत की असलियत...
लाख छुपाओ छुप न सकेगा राज़ हो कितना गहरा...? दिल की बात बता देता है,असली नकली चेहरा...!!!
रस्सी जल गई,पर बल न गया...
राम रहीम की राजदार हनीप्रीत इंसा अब पुलिस की गिरफ्त में हैं लेकिन उसे पकड़ने के लिए पंजाब-हरियाणा पुलिस समेत कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के पसीने छूट गए थे. बीते 3 अक्टूबर को सरेंडर से पहले 38 दिन फरार हनीप्रीत पुलिस से बचने के लिए 17 सिम कार्ड इस्तेमाल किए थे.पुलिस ने हनीप्रीत को हिरासत में लेकर पंचकूला हिंसा में उसकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है. पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि 38 दिन फरार रहने के दौरान हनीप्रीत ने 3 इंटरनेशनल सिम कार्ड समेत कुल 17 सिम का इस्तेमाल किया ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक न कर सके. राम रहीम की संपत्ति की जांच के लिए हनीप्रीत को डेरा प्रमुख के ठिकानों पर भी ले जाया गया, जहां से पुलिस को हार्ड डिस्क भी बरामद हुई है जिस में राम रहीम की 700 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति समेत हथियारों का डेटा दर्ज है.
पुलिस हनीप्रीत से सिम कार्ड और विदेशों में संपर्क को लेकर पूछताछ कर रही है लेकिन वह अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. हनीप्रीत कहना है कि उसका फोन कहीं खो गया था.पंचकूला में राम रहीम की सजा के दिन हुई हिंसा में हनीप्रीत की भूमिक को लेकर भी सघन जांच की जा रही है. चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि उसके पास हिंसा भड़काने में हनीप्रीत की भूमिका को लेकर सबूत हैं. पंचकूला के पुलिस कमीश्नर ए एस चावला ने दावा करते हुए कहा कि हनीप्रीत पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है साथ ही वह पुलिस को पूछताछ में सहयोग भी नहीं कर रही है. कमिश्नार ने साफ कहा 'अभी की जांच में पाया गया कि हिंसा भड़काने में निश्चित तौर पर हनीप्रीत का हाथ रहा है.' आपको बता दें कि 25 अगस्त को पंचकूला की विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद डेरा समर्थकों ने वहां हिंसा और आगजनी की जिसमें 37 लोगों की मौत हो गई थी. हरियाणा पुलिस ने हिंसा भड़काने और राम रहीम को जेल से भगाने की साजिश में हनीप्रीत गिरफ्तार किया था.

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