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मंगलवार, 24 अक्तूबर 2017

जब आरोप अपना लगाए तो उस पर मान हानि क्यों नहीं ?

25 लाख नहीं दे पाया तो नहीं दिया भाजपा ने टिकट....

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष एवं कथित नगरपिता श्रीश्रीश्री 1008 ने विधान सभा चुनाव 2017 में टिकट के प्रबल दावेदारों में से एक थे,जब उन्हें 248-प्रतापगढ़ का टिकट नहीं मिला तो वो कांग्रेस में चले गए और मृतप्राय कांग्रेस के पदाधिकारियों से लिपट-लिपट कर अपनी 20 वर्ष पुरानी यादों को ताजा किया और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर टिकट बेंचने का आरोप लगाया। स्वयं धनपशु होते हुए भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार संगम लाल गुप्ता को कक्षा 8 पास धनपशु के हाथ टिकट बेंच देने का सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया। 
कांग्रेस से दोलत्ती खाने के बाद लौट कर बुद्धू घर को आया 

श्रीश्रीश्री 1008 को जब दोलत्ती कांग्रेस से मिली तो वापस 248-प्रतापगढ़ से पुनः निर्दलीय नामांकन किया और अपनी औकात का एहसास होते ही नाम वापसी के दिन अपना नाम वापस लेते हुए भाजपा के उसी धन पशु कक्षा-8 पास संयुक्त उम्मीदवार को अपना समर्थन दे दिया। इतना सबकुछ होने के बाद भाजपा का जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उस पर पार्टी से  निष्कासित करने तक की जुर्रत नहीं की। जबकि उसी महानुभाव को वही भाजपा 3 बार विधान सभा और 3 बार नगरपालिका के अध्यक्ष पद का टिकट दिया था। जनता को बेशब्री से इंतजार था कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर टिकट बेंचने का आरोप लगाने वाले  जिसे भाजपा ने 6 बार टिकट दिया वो उसे कितने में खरीदा था ? ये सवाल लोगों के दिलोदिमाग में घूम रहा है। 
वर्ष 2017 में जब प्रतापगढ़ विधानसभा से टिकट नहीं मिला तो नाराज होकर कांग्रेस 
का दामन थामने के बाद प्रसन्नचित मुद्रा में भाजपा के पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह

 उ प्र के विधान सभा चुनाव में प्रतापगढ़ के कथित नगरपिता श्री श्री श्री 1008 ऐसे अकेले भाजपाई नेता नहीं रहे जिन्होंने टिकट बेंचने का आरोप भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर लगाए हों। ऐसे कई नाम रहे जो सुनील ओझा जो गुजरात प्रांत से उ प्र विधान सभा के चुनाव में प्रदेश में विचरण करते देखे गए थे और उन्हीं को अमित शाह का एकमात्र एजेंट बताया गया था। टिकट बेंचने एवं अपना दल "एस" में अपने आदमियों को टिकट दिलाकर मोटा माल लेने के भी आरोप लगे। तब तो हंगामा नहीं हुआ और आज जब अपना पप्पू सवाल उठाया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जयशाह ने ज्यादा खा लिया और प्रधान चौकीदार देखते रह गए तो हंगामा क्यों बरपा है...???  
  अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी 
जब अपने आरोप लगाए तो कुछ नहीं किया गया और जब विपक्षी आरोप लगाए तो भाजपा में  उथल-पुथल मच गया। पप्पू को घेरने के लिये उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी में 2 दिवसीय डेरा मोदी कैबिनेट की मंत्री स्मृति ईरानी ने डाल दिया। उधर रेल मंत्री पियूष गोयल से प्रेस कांफ्रेंस कराकर सफाई दी गई और 100 करोड़ की मानहानि की केस करने का दावा किया गया। महाराष्ट्र की आम आदमी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे नीतिन गडकरी पर अपने ड्राइवर,अपने नौकरों के नाम पर फेंक कम्पनी बनाकर फेंक पते पर चलाने का आरोप लगाया तो नीतिन गडकरी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व वाले सभी नेताओं की परिक्रमा की। किसी ने कोई बचाव नहीं किया। यदि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और उनके बेटे जय शाह पर आरोप लग रहे हैं तो उन्हें भी नैतिकता बस अपना त्यागपत्र देकर विपक्षियों का मुंह बंद कर देना चाहिये,नहीं तो प्रधान चौकीदार पर भी दाग के छींटे तो पडेंगे ही...!!!
आयोजन में जय शाह और अमित शाह अपनी तरफ इशारा करते हुए... 
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष और रोहनिया विधानसभा सीट से दावेदार मनीष कुमार सिंह ने भी बीजेपी के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा पर टिकट के बदले 25 लाख रुपये की डिमांड करने का आरोप लगाया। मनीष ने कहा कि जब पार्टी उनसे इस संबंध में सबूत मांगेगी तो वो सबूत पेश करेंगे। नीचे लिंक देखे ....
http://www.amarujala.com/video/india-news/bjp-leader-sunil-ojha-demands-25-lakh-for-ticket
आरोप जब अपने ऊपर लगा तो माथे पर बल पड़ ही गया...
यूपी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी पर पैसे देकर टिकट देने के आरोप लग रहे हैं और ये आरोप कोई और नहीं उनकी ही पार्टी में कई सालों से काम कर रहे नेता लगा रहे हैं। ऐसा ही एक आरोप बीजेपी से पूर्व में विधायक रह चुके आदित्य पांडेय ने लगाया है। बीजेपी के पूर्व विधायक आदित्य पांडेय ने कहा कि करोड़ो रुपए लेकर गुजरात और राजस्थान के लोगों ने प्रदेश में टिकट बांटने का काम किया है। गुजरात और राजस्थान में अपने खातों में कैंडिडेट्स से रुपए जमा कराएं हैं। जो अब वापस भी नहीं हो सकता है। बीजेपी में सभी नेताओं ने मिलकर रुपयों का बंटवारा किया है। मोदी ने नोटबंदी कर दिया था नहीं तो बोरों में करोड़ों रुपए लिए जाते। जो भाजपाई ऐसे आरोप लगाए हों कि उन्हें टिकट इसलिए नहीं दिए गए,क्योंकि वो 25 लाख रुपए नहीं दिए...!!! क्या ऐसे लोंगो को भाजपा में बने रहने का अधिकार है...??? क्या भाजपा शीर्ष नेतृत्व ऐसा आरोप स्वीकार करती है...??? यदि स्वीकार करती है तो किसी भाजपाई को मान हानि करने का अधिकार शेष नहीं बचता...!!!

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