Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

बुधवार, 11 जनवरी 2017

हलफनामें को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त,भारत निर्वाचन आयोग,नई दिल्ली से आर टी आई कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायतll

*llहलफनामें को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त,भारत निर्वाचन आयोग,नई दिल्ली से आर टी आई कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायतll*
*@@@...आर टी आई कार्यकर्ता ने सपा के दोनों गुटों द्वारा आयोग के समक्ष दाखिल सभी हलफनामें के सत्यापन की उठाई है,मांग...!!!*

*राजधानी लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय महासचिव की हैसियत से प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाकर अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के स्थान पर उत्तम सिंह पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा के बाद सामाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के लिए उठे विवाद के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के पद की वैधानिकता का प्रकरण माननीय आयोग के समक्ष विचाराधीन है l इसीबीच प्रतापगढ़ से आर टी आई कार्यकर्ता रमेश तिवारी ने सपा के दोनों गुटों द्वारा आयोग के समक्ष दाखिल किये गए सभी हलफनामें के सत्यापन की मांग कर डाली..!!!*
*आयोग ने दोनों पक्षों से अपना – अपना पक्ष रखने के लिए दिनांक 9 जनवरी की तिथि नियत की थी, जिसमें दोनों पक्षों से हलफनामें दाखिल किये गए हैं l अखिलेश यादव गुट की तरफ से प्रो. रामगोपाल यादव ने लगभग 500 हलफनामें जो आयोग के समक्ष दाखिल किया गया, उसकी सत्यनिष्ठा पर आर टी आई कार्यकर्ता रमेश तिवारी ने संदेह जताया है l आर टी आई कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक हलफनामा 10 रूपए के स्टॉम्प और उस पर 10 रूपए का नोटोरियल टिकट पर ही तैयार किया जाता है l जिसकी तरफ से हलफनामा तैयार किया जाता है, उसके लिए जो स्टॉम्प खरीदा जाता है, उस पर उसका नाम और उसकी वल्दियत और पता के साथ – साथ उसका उद्देश्य भी दर्ज कराने के बाद ही स्टॉम्प जारी किया जाता है...!!!*
*आर टी आई कार्यकर्ता के अनुसार स्टॉम्प चाहे वेंडर से लिया जाए अथवा ट्रेजरी (कोषागार)से, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद ही स्टॉम्प जारी किया जाता है l आर टी आई कार्यकर्ता का आरोप है कि अकेले प्रतापगढ़ से लगभग 200 स्टॉम्प,10 रूपए वाला सपा अखिलेश यादव गुट की तरफ से एक विधायक व अखिलेश यादव गुट के समर्थकों द्वारा उपलब्ध कराया गया l यानि स्टॉम्प भी सब्जी की तरह खरीदकर इधर से उधर भेजा गया और उस पर मनचाहे ब्यक्ति का हलफनामा तैयार कराकर आयोग के समक्ष प्रो.रामगोपाल यादव की तरफ से दाखिल किया गया है,जो विधिक नहीं है l यानि आयोग में दाखिल हलफनामें असंवैधानिक है l आर टी आई कार्यकर्ता की माने तो हलफनामें में सबसे नीचे स्थान व तिथि का वर्णन किया जाता है और उसके बाद ही नोटरी उसको तस्दीक करता है और तस्दीक करने वाले नोटरी का आवंटित नम्बर भी उस हलफनामें में डाला जाता है,तभी वह हलफमाना वैध माना जाता है...!!!*
*समाजवादी पार्टी की मुश्किलें आसान होने का नाम नहीं ले रही है l अब उसके लिए सैकड़ों हलफनामें की सत्यता की जांच की मांग हो जाने से समाजवादी पार्टी के लिए एक संकट और उत्पन्न हो गया है l आर टी आई कार्यकर्ता ने मांग किया है कि विना हलफनामें की जांच किये समाजवादी पार्टी में उठे विवाद का निस्तारण न किया जाए l आर टी आई कार्यकर्ता के अनुसार विना हलफनामें की सत्यता की जांच किये उस हलफनामें को मान लेना उसकी वैधता को संदेह के दायरे में खड़ा करता है l आर टी आई कार्यकर्ता रमेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि हलफनामें को राजनैतिक लोंगों ने मजाक बनाकर रख दिया है l कानून का जानकार यदि कानून के साथ खिलवाड़ करे तो उसका अपराध और बड़ा हो जाता है l देश में कानून बनाने का कार्य संसद करती है और उसी संसद के सदस्य द्वारा संवैधानिक संस्था,भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष झूठे तथ्यों पर आधारित त्रुटिपूर्ण हलफनामा दाखिल करना,दुर्भाग्यपूर्ण है l
*भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से आर टी आई कार्यकर्ता ने अनुरोध किया है कि आरोपित तथ्य को संज्ञान में लेकर दोनों पक्षों द्वारा दाखिल सभी हलफनामें की पूर्ण सत्यता की जांच करने के बाद ही समाजवादी पार्टी के सम्बन्ध में कोई निर्णय लिया जाना संवैधानिक संस्था के गरिमा के अनुकूल होगा, जिससे आम जनता में देश के कानून के प्रति विश्वास कायम रहे l आर टी आई कार्यकर्ता रमेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उसने जो शिकायत आयोग के समक्ष की है, वह विना किसी दुराग्रह से है l आर टी आई कार्यकर्ता की शिकायत आयोग ने रजिस्टर्ड कर लिया है l आयोग ने दिनांक 9 जनवरी, 2017 को शिकायत संख्या: up/31/248/502904 पर उक्त शिकायत को रजिस्टर्ड किया गया है...!!!*

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें