Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

Modi सरकार को बड़ी सफलता, विदेशी बैकों में मिला 13 हजार करोड़ Black Money...!!!

Modi सरकार को बड़ी सफलता, विदेशी बैकों में मिला 13 हजार करोड़ Black Money...!!!


आईसीआईजे की वेबसाइट से पकड़ में आए Black Money को लेकर इनकम टैक्स विभाग ने क्रिमिनल कोट्स में अब तक 55 प्रॉसिक्यूशन कंम्पलेन दायर कर चुका है।

 ब्लैक मनी ...!!!  
New Delhi, Jun 27 : विदेशी बैंक खातों में अघोषित आय छिपाने वालो के खिलाफ मोदी सरकार को  : सफलता हाथ लगने लगी है, इसी कड़ी में इनकम टैक्स ऑथारिटीज ने अब तक 13 हजार करोड़ से ज्यादा के काले धन का पता लगा लिया, वो भी सिर्फ दो चरणों में मिली सूचनाओं के आधार पर, मालूम हो कि जिनिवा के एचएसबीसी बैंक में कम से कम 400 भारतीयों के डिपॉजिट्स के मामले में इनकम टैक्स ऑथारिटीज ने 8186 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया है।
विदित हो कि इनकम टैक्स ऑथारिटीज द्वारा पता किेये काले धन का ये सबसे बड़ा खुलासा है, एक इनकम टैक्स असेसमेंट रिकॉर्ड के अनुसार 31 मार्च 2016 तक ऐसे खाताधारकों से 5,377 करोड़ रुपये टैक्स की मांग की जा चुकी है, गौर हो कि एचएसबीसी जिनिवा बैंक में भारतीयों के खातों की जानकारी वर्ष 2011 में फ्रांस की सरकार ने दी थी, साल 2013 में इंटरनेशनल कंसॉर्शियम ऑफ इंन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स की वेबसाइट्स से मिली जानकारी के आधार पर इनकम टैक्स अधिकारियों ने 700 भारतीयों के विदेशी खातों में 5000 करोड़ की अघोषित आय का पता लगा लिया है।
आईसीआईजे की वेबसाइट से पकड़ में आए काला धन को लेकर इनकम टैक्स विभाग ने क्रिमिनल कोट्स में अब तक 55 प्रॉसिक्यूशन कंम्पलेन दायर कर चुका है, बताया जा रहा है कि इन सभी मामलों में जान-बूझ कर टैक्स नहीं भरने का आरोप लगाया गया है, वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान ऐसे लोगों द्वारा झूठा बयान दिये जाने को मुकदमे का आधार बनाया गया है। एचएसबीसी जिनिवा के 17 केस में टैक्स ऑथारिटीज ने प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट केसेज में संज्ञान लिया है।
इनकम टैक्स की रिपोर्ट कहती है कि आईसीआईजे के मामलों में जिन भारतीयों के नाम सामने आए है, उनमें कई ने ब्लैक मनी डिक्लेरेशन विंडो के तहत संपत्ति के खुलासे किये, सरकार ने पिछले साल सीमित समय के लिये अघोषित संपत्ति घोषित करने का मौका दिया था, हलांकि जिन लोगों के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने पहले ही जांच शुरु कर दी थी, उन्हें राहत मिलना मुश्किल है।



कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें