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बुधवार, 6 जुलाई 2016

अमित शाह के कहने पर मोदी ने स्मृति ईरानी से छीना HRDमिनिस्ट्री...

स्मृति ईरानी को अमित शाह का झटका....!!!
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैबिनेट विस्तार से स्मृति ईरानी को झटका लगा है। उनसे केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय वापस ले लिया गया है। अब स्मृति कपड़ा मंत्रालय संभालेंगी। बढि़या प्रदर्शन के कारण प्रकाश जावडेकर को मानव संसाधन मंत्री बना दिया गया है। हालांकि अब यह बात भी सामने आ गई है कि स्मृति पर यह एक्शन किसके कहने से लिया गया।
न्यूज 18 की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने स्मृति को मानव संसाधन मंत्रालय से हटाने का फैसला लिया। लेकिन बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्मृति को हटाना नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें एक बड़े दबाव में यह कदम उठाना पड़ा।रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह के कहने पर प्रधानमंत्री ने स्मृति से उनका मंत्रालय वापस ले लिया। दरअसल, स्मृति को अपने विभाग के प्रति गैरजिम्मेदार माना जा रहा था। जेएनयू, रोहित वेमूला और डिग्री विवाद के कारण में अमित शाह उनसे नाखुश बताए जा रहे हैं।
इसी वजह से अमित शाह ने स्मृति ईरानी को झटका देने के लिए पीएम से कहा था।स्मृति को भले ही नया मंत्रालय मिला हो, लेकिन इससे वह खुश नहीं हैं। वहीं, अब भाजपा के एक खेमे का मानना है कि जावडेकर किसी विवाद में नहीं फंसे हैं, इसीलिए उन्हें मानव संसाधन मंत्रालय देकर प्रधानमंत्री ने सही फैसला लिया। माना यह भी जा रहा है कि स्मृति को बीजेपी यूपी का चेहरा बनाया जा सकता है। इस वजह से भी उन्हें कपड़ा मंत्रालय दे दिया गया है। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी और विवाद....!!!
*स्मृति ईरानी हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित वेमूला की मौत का जिम्मेदार मानी जाती हैं।*केन्द्रीय विद्यालयों में जर्मन की जगह संस्कृत को तीसरी भाषा का विकल्प बनाकर भी विवादों में आईं।*स्मृति की डिग्रियों पर भी सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने अपने येल यूनिवर्सिटी की डिग्री दिखाई थी। लेकिन बाद में पोल खुली थी कि वह डिग्री सिर्फ एक हफ्ते के कोर्स की है।
*आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर आरके शेवगांवकर ने दिसंबर 2014 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि स्मृति की दखलंदाजी बढ़ गई है। यूपी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने इसी तरह की शिकायत की थी।
*आईआईटी मद्रास में अम्बेडकर से जुड़े एक ग्रुप पर बैन लगाकर भी स्मृति ने अपने लिए मुश्किलें खड़ी की थीं।
*स्मृति के काम के तरीकों से नाखुश कई अफसरों ने भी मानव संसाधन मंत्रालय से दूरी बना ली थी।

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