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रविवार, 12 जून 2016

मैली हो रही गंगा की ट्रैश स्कीमर से सफाई करेगी मोदी सरकार ...!!!

मैली हो रही गंगा की ट्रैश स्कीमर से सफाई करेगी मोदी सरकार ...!!!

जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक की गई थी, इसमें Ganga सफाई के पहले चरण के लिए सवा सौ करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी गई है।

नई दिल्ली : बिहार के भागलपुर में मैली हो रही गंगा को अब ट्रैश स्कीमर जहाज की मदद से साफ किया जा रहा है, पहले चरण के लिये केन्द्र की मोदी सरकार की ओर से राशि भी जारी कर दी गई है, साथ ही यहां के डीएम की निगरानी में सफाई की काम शुरु कराया जाएगा। देशभर में सौंदर्यीकरण के लिए चयनित 15 जिलों में पटना और भागलपुर का भी नाम शामिल है।पिछले दिनों जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक की गई थी। इसमें पहले चरण के लिए सवा सौ करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी गई है। दिल्ली बैठक में शामिल रहे गंगा समग्र के जिला संयोजक महादेव रजक ने कहा कि पहले चरण में गंगा को अविरल गंगा-निर्मल गंगा बनाया जाना है। इसी योजना के लिए भागलपुर में जलकुंभी, लकड़ी, मृत जानवर समेत रसायनिक गंदगी को निकालने के लिए यहां ट्रैश स्कीमर जहाज लगाया जाएगा, फिर इसी से गंदगी निकाली जाएगी।

इस मंत्रालय की एक महिला अधिकारी ने बताया कि भागलपुर में ट्रैश स्कीमर का ऑर्डर दिल्ली की कंपनी ओमनीप्रेजेंट रोबोटेक प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है, ऐसे ही जहाज गंगा एक्शन प्लान के लिए वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर और पटना में गंगा की सफाई का काम कर रहे हैं। मालूम हो कि ट्रैश स्कीमर के एक छोर पर जालीनुमा प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें गंगा में घूमने वाला गंदगी फंसकर जहाज के डंप बाक्स में चला जाता है, गंदगी भर जाने के बाद उसे किसी सुरक्षित स्थान पर डंप किया जाता है, घाटों के किनारे फैली गंदगी और गाद को निकालने में भी ट्रैश स्कीमर काफी मददगार साबित होगा।

गंगा को अविरल और निर्मल बनाने की योजना के तहत अब भागलपुर में गंगा आर्मी भी मिलेगी, ट्रैश स्कीमर एक तरफ गंदगी से निजात दिलाएगा तो गंगा आर्मी गश्त कर उसे सुरक्षा मुहैया कराएगी, गंगा की सफाई हो जाने के बाद डॉल्फिन, अन्य मछलियां और दूसरे जल जीवों की रक्षा भी होगी, इन तमाम उपायों के बाद पर्यटन क्षेत्र के तौर पर गंगा को विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के घाटों से दूर जा रही गंगा को घाट तक लाने की भी कवायद है इसके लिए बांध बनाने से लेकर ड्रेजिंग तक की योजना है। 

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