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शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

हराम के पैसे की इफ्तारी जायज नहीं है ....!!!

वोट बैंक की खातिर कराई जाती है रोजा इफ्तार पार्टी--------अनीस खान,(जिला सचिव सपा)
@@@....हराम के पैसे की इफ्तारी जायज नहीं है ....!!!
######....इफ्तार पार्टी में दिख गया सपा का आपसी मनमुटाव....!!!

राजनैतिक दलों और उनके आकाओं द्वारा रमजान के महीने में इफ्तारी पार्टी जो कराई जाती है, उसके लिए बड़े - बड़े मौलाना मस्जिदों से खड़े होकर तक़रीर करते हैं कि आप जिसके यहाँ इफ्तारी करने जा रहे हैं, जाने से पहले ये तय कर लेना चाहिए कि जिस पैसे से वो इफ्तारी करा रहा है, वो पैसा ईमानदारी की कमाई का ही होना चाहिए न कि वो बेईमानी, कमीशन खोरी अथवा लूट कर अर्जित सम्पत्ति का हिस्सा हो !
हर रोजेदार को इस बात का इल्म होता है कि हराम के पैसे की इफ्तारी जायज नहीं है l जबकि अमूमन देखा जाता है कि हर इफ्तार पार्टी में बड़े - बड़े मौलाना/आलिम टोपी लगाकर इफ्तारी करने पहुँच जाते हैं l उक्त बातें समाजवादी पार्टी के जिला सचिव अनीस खान ने कही l उनकी बात की सच्चाई देखने के लिए श्री संजय पाण्डेय द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी से तय किया जा सकता है l इस वीडियो में स्व. राजाराम पाण्डेय के पुत्र श्री संजय पाण्डेय द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में वो सारी बातें देखने को मिली, जो समाजवादी पार्टी के जिला सचिव अनीस खान ने कही l
जबकि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री भैय्या राम पटेल, जिला महासचिव इरशाद सिद्धिकी, जिला सचिव अनीस खान, जिला सचिव आशितोष पाण्डेय सहित कई अन्य पदाधिकारी उक्त इफ्तार पार्टी में सिरकत नहीं किये l जिसे लेकर अलग - अलग कयास लगाए जा रहे हैं l कुछ दिनों पूर्व जनपद में साईकिल रैली के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सहित कुछ पदाधिकारियों को छोड़ दे तो जिला संगठन की तरफ से सभी बड़े पदाधिकारी संजय पाण्डेय के साथ साईकिल चलाते दिखे थे l जबकि पहले से निर्धारित रोजा इफ्तार पार्टी में जिलाध्यक्ष सहित पार्टी के ज्यादातर पदाधिकारी दूरी बनाए रहे l पूर्व विधायक हाजी मुन्ना सलाम, पूर्व विधायक श्याद अली के भी दर्शन नहीं हुए l सबसे अधिक चर्चा जिलाध्यक्ष व महासचिव को लेकर हो रही है l
चूंकि अभी समाजवादी पार्टी से विश्वनाथगंज विधानसभा से जिले के अकेले उम्मीदवारों में उनका नाम सूची में है और वही घोषित उम्मीदवार हैं l ऐसे में उसी विधानसभा के मूल निवासी जो समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाले हुए हैं, उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बना हुआ है l इस सम्बन्ध में जब जिलाध्यक्ष से बात की गई तो उनका टका सा जबाब था कि रमजान के महीने में कई जगह रोजा अफ्तार की पार्टी का आयोजन रहता है l एक ब्यक्ति एक ही जगह पहुँच सकता है, हर जगह नहीं l सूबे में सत्ता पक्ष यानि समाजवादी पार्टी खासकर मुसलमानों की खास हिमायती बनती है।
समाजवादी पार्टी के नेताओं को नवरात्रि और सावन मास में हिन्दुओं के त्योहार उसे याद हो या न हो,परंतु रमजान महीना में उसे रोजा अफ्तारी ज़रूर याद रहता है। ऊपर से चुनावी वर्ष हो तो क्या कहने...?अब बात करते हैं कि रमजान में राजनीतिक दलों द्वारा रोजा अफ्तारी का आयोजन किया जाता है। झूठा स्वांग करते हुए जालीदार टोपी लगाकर मुसलमानों को खुश करने की परम्परा सी हो गई है । इन्हें कौन बताए कि रोजा अफ्तारी करने का हक सिर्फ उसी को है, जो रोजा रहा हो और सुबह शहरी किया हो l बाकी के लोग सिर्फ दिखावा करते हैं । ये सारे आयोजन वोट बैंक की खातिर किये जाते हैं । यही नेताओं द्वारा आयोजित रोजा अफ्तारी की पार्टी की हकीकत है....!!!



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