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सोमवार, 6 जून 2016

700 आतंकवादियों को मार कर कुत्तों को खिला दिया...!!!

700 आतंकवादियों को मार कर कुत्तों को खिला दिया...!!!
बहादुर गाँव की मिशाल
यहाँ के लोगों ने बताया कि , 2003 में हिलकाका में आतंकियों की तूती बोलती थी। आतंकी गांव के लोगों को जिहादी बनाने के लिए जबरदस्ती करते थे, लालच देते थे। इस आंतक से निपटने के लिए गुज्जर समुदाय के लोगों ने आतंकियों के खिलाफ जम्मू पीस मिशन बनाया। गुज्जरों की इस पहल की वजह से आतंकियों ने गुज्जर हाजी मोहम्मद आरिफ को मौत के घाट उतार दिया था। लेकिन आतंक के खिलाफ एकजुट हुए लोगों ने हार नहीं मानी। हाजी मोहम्मद की मौत के बाद उनकी जंग को उनके छोटे भाई ताहिर हुसैन ने भी जारी रखा। ताहिर ने बताया कि उस वक्त आतंकियों ने जिहादी बनने के लिए 52 लाख रुपए देने को लालच भी दिया। लेकिन हमने नहीं लिया, क्योंकि हम हिंदुस्तानी हैं।
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 2003 को आतंकियों के खिलाफ गांव वालों ने सेना के साथ मिलकर ऑपरेशन सर्प विनाश शुरू किया। इस ऑपरेशन की शुरुआत के बाद पता चला कि हिल काका पर 700 से ज्यादा आतंकी मौजूद हैं। इसके बाद सेना ने गांव खाली कराया। लोग एक महीने से ज्यादा जंगल में रहे। सेना हमारे लिए खाने का सामान हेलिकॉप्टर से पहुंचाती थी। यहां के गुज्जरों ने 2003 में ही 17 अप्रैल को आतंकियों पर हमला कर दिया। 27 मई तक उनसे लड़ते रहे और उन्हें यहां से उखाड़कर ही दम लिया।
इसी गांव के जावेद अहमद कहते हैं कि वह अपने भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं। वह कहते हैं कि यहां छोटी-छोटी जरूरतें भी बड़ी मुसीबत बन जाती हैं। वह दसवीं तक पढ़े हैं। कुछ ऐसा ही हाल 12वीं के एग्जान दे रहे स्टूडेंट लियाकत की भी है। अचानक से यह गांव चर्चा में इसलिए आया है क्योंकि आतंकियों के ठिकानों को बर्बाद कर देने वाले हिल काका के गांव वाले सड़क और बेसिक फैसिलिटीज की मांग कर रहे हैं।दिल्ली तक कई बार गुहार लगाने वाले इन लोगों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए अब परिवहन मंत्री नितीन गडकरी से उम्मीद है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे भी खूब पढ़ें और देश की रक्षा के लिए सेना के साथ कदम से कदम मिलाएं। लेकिन इसके लिए पहले सड़क बन जाए।
http://www.supremestory.com/terrorists-dead-bodies-served-to-dogs/

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