Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

सोमवार, 2 मई 2016

जिंदा होतीं तो जेएनयू के हालात देख शर्म से मर जातीं इंदिरा गांधी : एम जे अकबर

जिंदा होतीं तो जेएनयू के हालात देख शर्म से मर जातीं इंदिरा गांधी : एम जे अकबर

पटना। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पत्रकार एमजे अकबर ने पटना में अभिव्यक्ति की आजादी के लिए नारा बुलंद करने वालों पर तीखा प्रहार किया, वहीं जवाहर लाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज अगर इंदिरा गांधी जिंदा रहतीं तो जेएनयू के हालात देख शर्म से मर जातीं। कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व का दिल एवं दिमाग आज विदेश में रहता है।
पूर्ण अधिकार नहीं अभिव्यक्ति की आजादी....!!!
भाजपा बुद्धिजीवी मंच द्वारा 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, देशद्रोह एवं राष्ट्रवाद' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए अकबर ने कहा संविधान के निर्माताओं ने अनुच्छेद 19 के तहत बोलने की आजादी को संरक्षित किया।
1951 में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पहला संशोधन लाया जिसमें कहा गया कि यह 'एबसोल्युट राइट(संपूर्ण अधिकार) नहीं है। फिर 1963 में दूसरा संशोधन लाया। तब कहा गया था कि किसी भी व्यक्ति को देश की अखंडता को चुनौती देने का अधिकार नहीं होगा।
अभिव्यक्ति की आजादी से उपर है,देश....!!!
दोनों ही संशोधन से कुछ ही पहले देश युद्ध से फारिग हुआ था। 1947 में पाकिस्तान और फिर 1962 में चीन से जंग हुई थी। चीन के साथ जंग के समय कम्युनिस्ट नेताओं को नेहरू ने जेल भेजा था। आजादी के बाद जब गांधी जी ने कहा था कि सब मिलकर देश बनाएं तब इन्हीं कम्युनिस्ट नेताओं ने तेलंगाना में लोकतंत्र पर प्रहार किया। नेहरू ने यकीनन युद्ध के समय यह अनुभव किया होगा कि अभिव्यक्ति की आजादी से कहीं ऊपर देश है।
कन्हैया व राहुल की आलोचना....!!!
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि आज आजादी का डंका पीटने वाले, जिन्हें पटना लाया गया है, उन्हें जानना चाहिए कि बोलने की आजादी को लेकर नेहरू ने क्या कहा था।
पंजाब में जब धर्म के नाम पर देश की अखंडता को खतरा पहुंचा तब इंदिरा गांधी ने क्या किया, यह सभी को मालूम है। वह आज जिंदा होतीं तो जेएनयू के हालात देख शर्म से मर जातीं। आज उनके खानदान के लोग वहां जा रहे हैं। अकबर का इशारा राहुल गांधी की ओर था।
केजरीवाल को भी लिया आड़े हाथ....!!!
उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी आलोचना की। कहा कि सात में से तीन वीडियो को फर्जी बताने वाले केजरीवाल बाकी चार वीडियो के संबंध में क्यों नहीं बोल रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Post Top Ad

Your Ad Spot

अधिक जानें