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सोमवार, 2 मई 2016

कन्हैया उवाच : संकट में देश का लोकतंत्र, बिहार में शराबबंदी पर भी उठाए सवाल....!!!


कन्हैया उवाच : संकट में देश का लोकतंत्र, बिहार में शराबबंदी पर भी उठाए सवाल....!!!

पटना। जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू) छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने शनिवार को पटना में कहा कि देश में लोकतंत्र है। इसपर कोई अपनी विचारधारा नहीं थोप सकता। आज लोकतंत्र को बचाना जरूरी है। देश में जबरन एक विचारधारा को थोपने की कोशिश की जा रही है। कहा, "मेैं लोकतांत्रिक हक की लड़ाई के लिए आंदोलन कर रहा हूं और इसीलिए यहां आया हूं।" बिहार में शराबबंदी के कानून पर कन्हैया ने कहा कि पहले शराब नीति का मूल्यांकन होना चाहिए था, तब शराबबंदी करानी चाहिेए थी। उन्होंने कहा कि एक हिसाब से शराबबंदी ठीक है, लेकिन पूर्ण शराबबंदी ठीक नहीं।
जेएनयू विवाद के बाद पहली बार बिहार आए कन्हैया विदित हो कि जेएनयू में बीते नौ फरवरी को एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए थे। पुलिस ने इसके लिए कन्हैया सहित विवि के कुछ अन्य छात्रों को गिरफ्तार किया था। कन्हैया ने इस मामले में खुद को बेकसूर बताते हुए केंद्र सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करने का आरोप लगाया था। वे फिलहाल उस मामले में बेल पर हैं। घटना के बाद शनिवार को वे पहली बार बिहार आए हैं। एक होनी चाहिए कथनी व करनी कन्हैया ने कहा कि देश अभी गंभीर संकट के जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें कथनी की बात हो रही, करनी की बात नहीं। कथनी और करनी में अंतर है।
हम एेसी विचारधारा के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं जिसमें व्यक्ति विशेष की बात कही जाती है। विकल्प की राजनीति की हो चुकी शुरूआत उन्होंने कहा कि अब विकल्प की राजनीति की शुरूआत हो चुकी है। एेसे में तमाम दलों को एककजुट होकर इस विचारधारा की लड़ाई में एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। कन्हैया कुमार ने कहा देश के संविधान और डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों पर हमला किया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में तमाम विचारधारा के लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। कन्हैया ने कहा कि व्यक्तिगत करिश्मे से ऊपर उठकर देश हित में काम नहीं हुआ तो लोकतंत्र से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। जनता को भी सरकार के कामकाज का हिसाब किताब लेने का अधिकार होना चाहिए।
संघमुक्त भारत बनाने को करना होगा काम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संघमुक्त भारत बनाने के सवाल पर कन्हैया कुमार ने कहा कि देश में भाजपा के खिलाफ गठबंधन नहीं दिख रहा है। यदि संघमुक्त भारत बनाना है तो लोगों को एकजुट होना होगा। जुमलेबाजी का जवाब काम करके देना होगा। शराबबंदी पर उठाए सवाल शराबबंदी के मसले पर जेएनयू अध्यक्ष घिर गए। बोले, शराबबंदी के पहले शराब नीति का मूल्यांकन होना चाहिए था। इसके बाद शराबबंदी करानी चाहिेए थी। उन्होंने कहा कि एक हिसाब से शराबबंदी ठीक है, लेकिन पूर्ण शराबबंदी ठीक नहीं। देशव्यापी शराबबंदी बड़ा मसला है। इसके लिए समाज की मनोदशा जाननी होगी। जो शराब पीना चाहते हैं वो पीएं और जो नहीं पीना चाहे वो नहीं पीए। नीतीश का जताया आभार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कन्हैया ने कहा, “उन्होंने (नीतीश कुमार ने) मेरा समर्थन किया और मेरी बातों को समझा।”
बिहार में होने चाहिए छात्र संघ चुनाव कन्हैया ने कहा कि यहां की यूनिवर्सिटीज में स्टूडेंट्स युनियन का चुनाव होना चाहिए और यहां भी यूनिवर्सिटीज कैंपस में लोकतांत्रिक सिस्टम बहाल होना चाहिए। रिसर्च स्कॉलर के वजीफे रोकना गलत कन्हैया कुमार ने कहा जेएनयू के तमाम शोध छात्रों के वजीफे बंद कर दिए गए। शिक्षा बजट में की गयी कटौती को इसकी वजह बताया गया। सवाल यह है कि बजट में कटौती पर मंत्रियों के वेतन और उनकी हवाई यात्राओं में कमी क्यों नहीं की जाती? जनता की सब्सिडी जरूर खत्म की दी जाती है। जेएनयू की जांच कमेटी लोकतांत्रिक नहीं कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार का बिना नाम लिये जेएनयू प्रशासन पर भी जमकर हमला किया।
कन्हैया ने  कहा कि विवाद की जांच के लिए जो उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गयी उसका स्वरूप लोकतांत्रिक नहीं है। ऐसे में उससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद भी नहीं है।अफजल गुरू मेरा आदर्श नहीं अफजल गुरू को आदर्श मानने से जुड़े सवाल पर कन्हैया कुमार घिरते दिखाई दिए। पहले उन्होंने उसे अपना आदर्श मानने से इंकार किया। फिर कहा कि आखिर यह भी सोचना होगा कि अफजल जैसे लोग बनते कैसे हैं। आतंकी कौन है यह तय करने का अधिकार मोहन भागवत और उनके चेले-चपाटियों को नहीं है। मैं गरीब का बेटा हूं हवाई यात्रा से जुड़े सवाल पर कन्हैया ने कहा कि मैं एक गरीब का बेटा हूं। मेरा कोई पीआरओ नहीं है। पिछले जुलाई से स्कालरशिप भी नहीं मिली है। जहां तक हवाई यात्राओं का सवाल है तो यह छात्रों द्वारा इकट्ठी सहयोग राशि से होती है।

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