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मंगलवार, 24 मई 2016

विधानसभा चुनाव की बदौलत लखनऊ स्मार्ट सिटी में शामिल...!!!

विधानसभा चुनाव की बदौलत लखनऊ स्मार्ट सिटी में शामिल...!!!स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की लिस्ट में लखनऊ की रैंकिग टॉप पर रही
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की लिस्ट में लखनऊ की रैंकिग टॉप पर रही...!!!
उ. प्र. में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं।वैसे वैसे राजनीतिक पार्टियां रोटी सेकने में लग गई हैं।अब बीजेपी को ही ले लीजिये।अभी कुछ दिन पहले ये खबरे आ रही थी की यूपी का एक भी शहर स्मार्ट सिटी के सूची में नही है।लेकिन विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए एक नई सूची निकाली गई, जिसमें लखनऊ को जगह दी गई।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की दौड़ शामिल नए शहरों का ऐलान किया। नए शहरों में लखनऊ, भागलपुर और फरीदाबाद को चुना गया है। इस लिस्ट में लखनऊ की रैंकिग टॉप पर रही। लेकिन इस लिस्ट में से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून शामिल नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि देहराादून केंद्र की ओर से कराए कम्प्टिशन में फिट नहीं रहा।

बता दें कि इस लिस्ट के जारी होने से पहले ये सभी शहर इस दौड़ में खराब रैकिंग के चलते पिछड़ गए थे। बाद में मंत्रालय ने इन्हें अपनी रैंक सुधारने का मौका दिया था। शहरी विकास मंत्रालय के मुताबिक फास्ट ट्रैक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले शहरों के बीच यह मुकाबला अप्रैल में शुरू किया गया था। इसके तहत देश के 23 शहरों ने नए सिरे से अपनी दावेदारी पेश की थी। नायडू द्वारा जारी किए गए 23 शहरों में से 15 शहर ऐसे हैं, जो विभिन्न राज्यों की राजधानी हैं।

इसे देश की विडंवना ही कहेंगें कि जो शहर विकास के सभी मानकों को पूरा कर विकसित शहरों में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं, उन्हीं शहरों को केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट शहर में चयनित किया जा रहा है। केंद्र सरकार देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत दूसरे चरण में 23 शहरों की दावेदारी में से 13 के नामों का ऐलान कर दिया गया है। मजे की बात ये है कि देश का सबसे साफ़ सुथरा शहर चण्डीगढ़,जिसे देखने से लगता है कि ये शहर वास्तव में सूझ -बूझ के साथ योजना बद्ध तरीके से बसाया गया है, उसे भी स्मार्ट शहर में शामिल किया गया है। 

उ. प्र. की राजधानी लखनऊ को ही ले लीजिये।मायावती और अखिलेश ने जितना धन खर्च कर लखनऊ को संवारा, उसके बाद भी स्मार्ट शहर में उसे शामिल किया गया। ये तो वही हाल है, जो बच्चे नंबर एक के हो, उसे कोई भी स्कूल व कालेज अपने संस्थान में लेगा तो उस संस्थान का उस बच्चे को एक नंबर बनाने में कोई योगदान नहीं माना जाना चाहिए। कमजोर बच्चे को नंबर एक बनाना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।ठीक वैसे ही स्मार्ट शहर की दशा है

केंद्र सरकार को उस शहर को स्मार्ट बनाना चाहिए,जिसमें मूलभूत सुबिधाओं का अभाव हो। ताकि वास्तव में देश का विकास हो सकेनायडू द्वारा जारी किए गए 23 शहरों में से 15 शहर ऐसे हैं, जो विभिन्न राज्यों की राजधानी हैं। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो शहर किसी राज्य की राजधानी बनाई गई, उसमें पहले ही काफी धन खर्च कर उसे सजाया और सवांरा गया होगा। फिर भी उन्ही शहरों को स्मार्ट शहर में शामिल करना हास्यास्पद लगता है केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू द्वारा जारी किए गए 13 फास्ट ट्रैक स्मार्ट शहरों की लिस्ट इस प्रकार है - 

(1) लखनऊ
(2) वरांगल
(3) धर्मशाला
(4) चण्डीगढ़
(5)  नया रायपुर
(6) न्यू टाउन कोलकाता
(7) भागलपुर
(8) पणजी
(9) पोर्ट ब्लेयर
(10) इंफाल
(11) रांची
(12) अगरतला
(13) फरीदाबाद

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