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रविवार, 15 मई 2016

दिनभर चला ड्रॉमा, फिर बैंक ने कहा- 570 करोड़ हमारे नोट...!!!

दिनभर चला ड्रॉमा, फिर बैंक ने कहा- 570 करोड़ हमारे नोट...!!!



कोयंबटूर, प्रेट्र । तमिलनाडु के लिए शनिवार हाई वोल्टेज ड्रॉमे का दिन था। मतदान से पहले चुनाव आयोग ने 570 करोड़ रुपये की धनराशि की बरामदगी दिखाई ,तीन कंटेनरों में यह राशि थी।

निर्वाचन आयोग ने धन के साथ पकड़े गए लोगों के दावे को खारिज करते हुए बरामद राशि को संदिग्ध बताया। अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। रात होते-होते स्टेट बैंक का बयान आया कि यह धन हमारा ही है। यह राशि कोयंबटूर मेन ब्रांच की करेंसी चेस्ट से विशाखापत्तनम स्टेट बैंक की एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच को भेजी जा रही थी।

इससे पूर्व वाहन में सवार लोगों ने अंतर-बैंक धन हस्तांतरण की राशि होने का दावा किया था। आयकर विभाग सहित सभी एजेंसियों को उचित जांच सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।

कंटेनर के साथ मौजूद कर्मियों ने कहा था कि वे कोयंबटूर से 570 करोड़ रुपये विशाखापत्तनम स्थित बैंक की शाखा में हस्तांतरित करने जा रहे थे। लेकिन उनके पास अपने दावों की पुष्टि करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं थे।

चेकिंग देख तेजी से भगाने लगे वाहन...!!!

अर्धसैनिक बलों के साथ चुनाव विभाग का उड़नदस्ता शनिवार सुबह पेरुमनल्लूर-कन्नातूर बाइपास पर वाहनों की नियमित जांच में जुटा था। इस दौरान कंटेनर वाली गाडि़यों की सुरक्षा में चल रहीं तीन कारें वहां से गुजरने लगीं। अधिकारियों के रोकने पर भी ये नहीं रुकीं, लिहाजा अधिकारियों ने उनका पीछा किया और चेंगपल्ली के पास उन्हें रोका। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कंटेनर के अंदर कई बक्सों में नकदी रखी मिली।

सवारों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था....!!!

अधिकारियों ने बताया कि कार में मौजूद व्यक्तियों ने खुद को आंध्र प्रदेश का पुलिसकर्मी होने का दावा किया था लेकिन वर्दी नहीं पहन रखी थी और न ही कोई वैध दस्तावेज दिखाया। इसके बाद इन वाहनों को तिरुपुर जिला कलेक्ट्रेट ले जाया गया। कोयंबटूर और विशाखापत्तनम के बैंक अधिकारियों को इस बरामदगी के बारे में सूचित कर दिया गया था।

मतदाताओं को पैसे देने का प्रयास विफल....!!!

कोयंबटूर : चुनाव अधिकारियों और पुलिस ने मतदाताओं के बीच पैसे बांटने के प्रयासों को विफल कर दिया। कथित रूप से सत्ताधारी एआइएडीएमके के कार्यकर्ता जिले में दो स्थानों पर मतदाताओं को रिश्वत देने जा रहे थे। ग्रामीणों के बीच पैसे बांटे जाने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस रवाना हो गई। पुलिस की टीम देख कार्यकर्ता फरार हो गए।

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