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बुधवार, 11 नवंबर 2015

!!...इतिहास स्वयं को दोहराता है...!!

!!...इतिहास स्वयं को दोहराता है...!!


लोकतन्त्र प्रणाली में 8 नवम्बर का दिन राजनीति के इतिहास में राजनीति से तालुक रखने वाले लोंगों के लिए यादगार और सबक लेने वाला दिन होगा....!!! बिहार का चुनावी परिणाम ऐसा होगा, किसी ने सोचा ही न था....!!! राजनीति में स्थाई न तो कोई दुश्मन होता है और न ही दोस्त...!!! कब और किससे दिखाने और मतलब निकालने के लिए राजनीतिक दुश्मनी और दोस्ती करनी पड़े, कहना मुश्किल है....???
बिहार चुनाव के परिणाम में मिली करारी शिकस्त का भाजपा अभी आकलन तो नहीं कर सकी, परन्तु सोशल मीडिया में लोग अपने - अपने आकलन पेश करने लगे हैं...!!! जिस तरह बिहार में "महाठगबन्धन" के प्रणेता "नितीश कुमार", भाजपा यानि मोदी के डर और सत्ता प्राप्त की चाहत से जंगलराज के जनक "लालू प्रसाद" की गोदी में भी बैठने से परहेज नहीं किये....!!! साथ ही स्वयं को ईमानदार की छबि पेश करने वाले "नितीश कुमार" भ्रष्ट्राचार की "अम्मा" से भी जा मिले....!!!
ऐसे में क्या आगामी उ. प्र. के विधान सभा चुनाव वर्ष 2017 में दो पार्टी सुप्रीमों माया और मुलायम भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए मोदी डर से नहीं मिल सकते...!!! जो मेरी बात से इत्तेफाक़ न रखता हो, उसे मैं सीधे 6 दिसम्बर,1992 की घटना की याद दिलाना चाहता हूँ...!!!
उ. प्र. में श्री कल्याण सिंह मुख्यमन्त्री थे और बाबरी विध्वंस के बाद देश का कोई पहला प्रदेश का मुख्यमंत्री था, जिसने सीना ठोककर कहा था कि मैं प्रदेश का मुख्यमन्त्री होने के नाते इसकी जिम्मेवारी लेता हूँ और अपने पद से त्यागपत्र देता हूँ । उस समय लोंगों ने कहा था कि इस बार चुनाव होगा तो श्री कल्याण सिंह पूर्ण बहुमत से सरकार बनायेंगें....!!! परिणाम याद है कि वो भी याद कराऊ ...!!!
जान लीजिये उस चुनाव में श्री कल्याण सिंह मुख्यमन्त्री न बन सके, इसके लिए माया और मुलायम एक हुए थे...!!! परिणाम गठबंधन का ये रहा कि माया का चीर हरण हुआ....!!! नाम पड़ा गेस्ट हाउस काण्ड....!!! आज माया और मुलायम नदी के दो किनारे के सामान हैं ....!!! कुछ लोग इसे नामुमकिन बता रहे है तो कुछ लोग राजनीति में कुछ भी संभव है ....!!!
फिलहाल राजनीतिक रणनीतिकारों/सलाहकारों ने अभी से माया और मुलायम को नि:शुल्क सुझाव देना शुरू कर दिया है कि बिहार से इन दोनों को सीख लेकर वर्ष 2017 के विधान सभा में एक बार लालू और नितीश की तरह अपनी किस्मत आजमाना चाहिए...!!! भाजपा विरोधियों की मानसिकता पर विचार करने से ऐसा लगता है कि इन सभी को मोदी फोबिया हो गया है ...@@@

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