अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना पर पड़ा छापा एडिशनल सीएमओ ने किया मद्रासी दवाखाना को सीज

क्षार सूत्र से बवासीर के रोगियों की सर्जरी करने का दावा करता था,कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव...!!!
समाजसेवी एवं अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा ने अपने बड़े भाई सीएम ओझा की मौत का जिम्मेवार मानते हुए मद्रासी दवाखाने और उसके स्वामी पी.एम.राव के विरुद्ध शीत युद्ध की शुरुवात करके आज ये साबित कर दिया कि आज भी हक की लड़ाई लड़ने वाले के खिलाफ भ्रष्ट व्यवस्था भी घुटने टेक देती है...!!!
अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा द्वारा कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध की चलाई गई मुहिम रंग लाई और स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को मजबूर होकर कठित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए होना पड़ा विवश...!!!
कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव ने समाजसेवी आनन्द मोहन ओझा पर भी तमाम तरह का लगया था,आरोप। ब्लैकमेलिंग तक के लगाए थे,आरोप। लिखाया था,कोतवाली नगर में मुकदमा। परंतु दृढ़ इच्छाशक्ति के धनी व्यक्ति आनन्द मोहन ओझा बिना किसी संकोच के अपना विरोध और कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव के विरुद्ध अपना अभियान रखा,जारी...!!!
पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अफसरों ने मद्रासी दवाखाना को किया था,सीज। परंतु चाँदी वाला जूता मारकर कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम राव ने खोल लिया,मद्रासी दवाखाना। देखने लायक बात होगी कि भ्रष्ट स्वास्थ्य महकमा इस बार कितने दिनों बाद तथाकथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव को पुनः मद्रासी दवाखाना खोलने की छूट देता है...!!!
प्रतापगढ़। राजापाल टंकी के नाम से प्रसिद्द चौराहा के बगल भदरी हाउस के पास लम्बे अर्से से अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना पर एडिशनल सीएमओ ने छापा डालकर उसे सीज कर दिया। अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने का फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहा था। सीएमओ के निर्देश पर एडिशनल सीएमओ डॉ.सी पी शर्मा और स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी डॉ.आर.पी.सिंह ने मंगलवार दिनांक:- 13अगस्त 2019 को मद्रासी दवाखाना पर छापा मारकर उसके विरुद्ध कार्यवाही किया। एडिशनल सीएमओ ने वहां इलाज करा रहे मरीजों को जिला चिकित्सालय में शिफ्ट कराया। लम्बे अर्से से बगैर डिग्री-डिप्लोमा के अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाना का फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव बवासीर और भगंदर जैसी गंभीर बीमारियों का शर्तिया इलाज करने का दावा कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा था। क्लीनिक के प्रचार-प्रसार के लिए वह समय-समय पर ग्रामीण इलाकों में पम्पलेट बंटवाकर लोगों को गुमराह करने का काम करवा रहा था। उसके इलाज से अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने आरटीआई एक्ट के तहत आनन्द मोहन ओझा को उक्त अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने के सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध कराया है कि उक्त अवैध ढंग से संचालित मद्रासी दवाखाने के फर्जी चिकित्सक पीएम राव के पास कोई डिग्री नहीं है,परन्तु वह अपने नाम से पूर्व डॉक्टर लिखता है। सीएमओ ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि उक्त फर्जी डॉक्टर स्वयं को उक्त दवाखाना का अधिकृत चिकित्सक बताता है। उक्त दवाखाना पूर्व में डॉ.अफ्फान अली के नाम से पंजीकृत किया गया था तथा पीएम राव को पैरा मेडिकल स्टाफ के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया था,परन्तु उक्त दवाखाने पर डॉ.अफ्फान अली कभी नहीं आते थे। कथित फर्जी चिकित्सक पीएम राव द्वारा उक्त दवाखाने पर मरीज देखने और ऑपरेशन किए जाने की शिकायत के पुष्ट होने पर उक्त दवाखाने का लाइसेन्स वर्ष-2011 में निरस्त कर दिया गया था। फर्जी चिकित्सक पी एम राव के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करा दी गयी थी,फिर भी उक्त दवाखाना भ्रष्ट स्वास्थ्य महकमें की कृपा पर अवैध ढंग से लगातार संचालित होता रहा।
उक्त मद्रासी दवाखाने पर मरीज देखे जाने व ऑपरेशन किए जाने की सूचना लगातार मिलने पर औचक निरीक्षण में उक्त दवाखाने का कथित फर्जी चिकित्सक पी.एम.राव मौके पर नहीं मिल रहा था। ऐसा सीएमओ कार्यालय के छापामारी के लिए नियुक्त जिम्मेदार लोगों का कहना था,मद्रासी दवाखाना जैसे सैकड़ों हजारों झोलाछाप चिकित्सकों की जनपद में भरमार है। जितने चिकित्सक व उनकी दवाखाने का सीएमओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन किया गया है,उससे तीन गुना फर्जी चिकित्सक और उनके दवाखाने संचालित हैं। दवाखाने ही नहीं बल्कि सीएमओ कार्यालय की कृपा पर बड़ी-बड़ी अस्पताल और नर्सिंग होम तक संचालित हैं। सबसे सीएमओ कार्यालय ने महीना बाँध रखा है। सीएमओ कार्यालय की ही कृपा पर मद्रासी दवाखाना संचालित था और भविष्य में मोटी रकम लेकर पुनः संचालित किया जायेगा। हलांकि मद्रासी दवाखाना के प्रकरण में सीएमओ डॉ अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मद्रासी दवाखाना और उसके संचालक सहित डॉ.पी.एम. राव विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही विभागीय विधिक कार्यवाही भी की जाएगी। लम्बे अर्से से अवैध ढंग से मद्रासी दवाखाना चलाकर व्यवस्था को मुंह चिढा रहे फर्जी चिकित्सक डॉ.पी एम राव को कानून के दायरे में लाकर स्वयं व्यवस्था को पुष्ट करते हुए उसके अपराधों के अनुपात में दण्डित कराए जाने हेतु प्रदर्शित की गयी उत्कृष्ट संवेदनशीलता के लिए अम्मा साहेब ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा जी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रतापगढ़ एवं उनकी टीम के प्रति कृतज्ञता सहित आभार व्यक्त किया तथा प्रकरण को पर्याप्त कवरेज देने के लिए मीडिया को भी साधुवाद दिया है।

rameshrajdar

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